ईरान की US को जवाब देने की तैयारी, डिफेंस मजबूत किया; 3 दिन में छिड़ सकता है वॉर

Feb 19, 2026 06:44 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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US मामले के बढ़ने के जोखिम और राजनीतिक और सैन्य परिणामों पर विचार कर रहा है। कई अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों के दौरान पेंटागन कुछ कर्मियों को मिडिल ईस्ट से बाहर ले जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि अगर अमेरिका कार्रवाई में आगे बढ़ता है, तो ईरान जवाबी हमला कर सकता है।

ईरान की US को जवाब देने की तैयारी, डिफेंस मजबूत किया; 3 दिन में छिड़ सकता है वॉर

अमेरिका और ईरान युद्ध की आहट तेज हो गई है। हालांकि, सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई भी तारीख तय नहीं की गई है। आशंका जताई जा रही है कि अगर परमाणु बातचीत सफल नहीं होती है, तो अमेरिका हमला कर सकता है। इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इस बीच खबर है कि ईरान भी अमेरिका के संभावित हमले के खिलाफ तैयारियां तेज कर रहा है। कहा यह भी जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन शनिवार तक बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, अगर परमाणु बातचीत सफल नहीं हो पाती है, तो ईरान संभावित अमेरिकी हमले के जवाब में सैन्य और घरेलू तैयारियां कर रहा है। नेता 'मौजेक डिफेंस' के जरिए कमान प्रणाली चला रहे हैं। इनमें परमाणु स्थानों को मजबूत करना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास IRGC नेवल यूनिट्स की तैनाती, हवाई रक्षा अभ्यास शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी युद्धपोत 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' के पास होने वाले युद्धाभ्यास में रूस का एक युद्धपोत भी शामिल हुआ है।

अमेरिका में क्या है चर्चा

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने ट्रंप को बताया है कि सेना शनिवार तक हमले के लिए तैयार है। हालांकि, कहा जा रहा है कि कोई भी टाइमलाइन इस वीकेंड के बाद तक भी आगे बढ़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया है कि ट्रंप ने अब तक हमले को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया है।

खबर है कि फिलहाल चर्चाओं का दौर जारी है। दरअसल, अमेरिका मामले के बढ़ने के जोखिम और राजनीतिक और सैन्य परिणामों पर विचार कर रहा है। कई अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों के दौरान पेंटागन कुछ कर्मियों को मिडिल ईस्ट से बाहर ले जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि अगर अमेरिका अपनी कार्रवाई में आगे बढ़ता है, तो ईरान की तरफ से जवाबी हमला हो सकता है।

हालांकि, एक सूत्र ने यह भी कहा कि अमेरिका के संभावित सैन्य गतिविधियों से पहले एसेट्स और कर्मियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया सामान्य है। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि इसका मतलब संकेत हों कि ईरान पर हमला होने वाला है।

इजरायल भी एक्टिव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली सेना के पूर्व सैन्य खुफिया प्रमुख अमोस याडलिन ने बताया कि टकराव जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं, लेकिन मैं आपको याद दिला दूं कोई सुपरपावर कुछ ही दिनों में जंग में नहीं उतर जाती। एक डिप्लोमैटिक रास्ता है, जिसे आजमाना होता है। कई लोग हमले का विरोध कर रहे हैं। पेंटागन को यह स्पष्ट नहीं है कि वे इससे क्या हासिल करना चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बहुत पक्के इरादे वाले हैं।

ईरान और अमेरिका में बातचीत

मंगलवार को अमेरिकी एडवाइजर जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से तीन घंटे तक मुलाकात की। दोनों पक्षों ने कहा कि बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों को जरूरी मतभेदों को दूर करने को लेकर अब भी संदेह है। हालांकि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत कुछ मायनों में अच्छी रही, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने यह भी बहुत साफ था कि राष्ट्रपति ने कुछ सीमा रेखा तय की हैं, जिन्हें ईरानी अभी मानने और उन पर काम करने को तैयार नहीं हैं।

Nisarg Dixit

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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