मोदी स्टाइल में तारिक रहमान ने की 'चाय पर चर्चा', राहुल की भी नकल; BNP की जीत के कारण
युवाओं को लुभाने के लिए, पार्टी ने रील-मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। बांग्लादेश में उभरते हुए YouTubers और कंटेंट क्रिएटर्स को अपने विचारों और सुझावों के साथ रील बनाने के लिए आमंत्रित किया गया।

बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की शानदार जीत के पीछे केवल घरेलू मुद्दे ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीतिक प्रचार शैलियों का भी गहरा प्रभाव देखने को मिला है। बांग्लादेश और भारत के वर्तमान द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन BNP द्वारा अपनाई गई चुनावी रणनीतियां भारत के चुनाव अभियानों से प्रेरित थीं।
BNP की प्रचार रणनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों के सफल अभियानों की झलक मिली। BNP के चुनाव अभियान को भारतीय सोशल मीडिया और जमीनी गतिविधियों की कड़ी निगरानी के बाद आकार दिया गया था।
'चाय पर चर्चा' से 'चायेर अड्डा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के सफल अभियान "चाय पर चर्चा" की तर्ज पर, BNP ने बांग्लादेश में "चायेर अड्डा" (चाय पर बातचीत) का आयोजन किया। यह विचार तारिक रहमान की बेटी, जैमा रहमान द्वारा लाया गया था। देश भर में विशेष रूप से युवाओं के साथ, अनौपचारिक बातचीत करना और उनसे फीडबैक प्राप्त करना।
आपको बता दें कि भारत में यह अभियान मणिशंकर अय्यर की "चायवाला" वाली टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था, जो बेहद सफल रहा। बांग्लादेश में भी तारिक रहमान को विपक्षी दल द्वारा 'बाहरी' और 'अनुभवहीन' नेता कहे जाने के बाद इस अनौपचारिक संवाद ने युवाओं से जुड़ने में मदद की।
"मुझे सर नहीं, भाई कहो"
दूसरा महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम तारिक रहमान को एक सहज और अनौपचारिक नेता के रूप में पेश करना था, जो सत्ता के मद में चूर नहीं है। 4 करोड़ से अधिक पहली बार वोट देने वाले युवा से जुड़ने में उन्हें सफलता मिली। पार्टी ने "मुझे सर नहीं, भाई कहो" का नारा अपनाया, जो भारत में राहुल गांधी द्वारा छात्रों के साथ बातचीत के दौरान अपनाए गए इसी तरह के दृष्टिकोण की याद दिलाता है। इसका उद्देश्य मतदाताओं के साथ सीधे और भावनात्मक रूप से जुड़ना था।
रील बनाने की प्रतियोगिता
युवाओं को लुभाने के लिए, पार्टी ने रील-मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। बांग्लादेश में उभरते हुए YouTubers और कंटेंट क्रिएटर्स को अपने विचारों और सुझावों के साथ रील बनाने के लिए आमंत्रित किया गया। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और उनकी रीलों को BNP के आधिकारिक हैंडल से भी शेयर किया गया।
तारिक रहमान के सामने चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जमात-ए-इस्लामी के मजबूत प्रदर्शन (77 सीटें) ने उनके लिए भविष्य में राह मुश्किल कर दी है। इसके अतिरिक्त, जमात ने चुनावों को "फिक्स्ड" करार देते हुए वोट में धांधली के आरोप लगाए हैं। इन सब चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए रहमान के पोस्टरों पर टैगलाइन "आई हैव अ प्लान" (मेरे पास एक योजना है) लिखी गई थी, जो बराक ओबामा के अभियान मंत्र "यस, वी कैन" की याद दिलाती है। यह चुनाव अभियान यह दर्शाता है कि आधुनिक राजनीतिक रणनीतियां भौगोलिक सीमाओं को पार कर रही हैं।
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