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मजहब की इज्जत तो करो, लाखों अफगानों को ईरान-पाक से निकाले जाने पर भड़का तालिबान

मजहब की इज्जत तो करो, लाखों अफगानों को ईरान-पाक से निकाले जाने पर भड़का तालिबान

संक्षेप: लाखों अफगानों के ईरान और पाकिस्तान से निकाले जाने पर तालिबान पड़ोसी देशों पर तिलमिलाया हुआ है। तालिबान सरकार ने इसे मानवीय सिद्धांतों और इस्लामिक मूल्यों का गंभीर उल्लंघन बताया है।

Wed, 30 July 2025 05:35 PMGaurav Kala पीटीआई, काबुल
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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने बुधवार को पड़ोसी देशों ईरान और पाकिस्तान द्वारा अफगान नागरिकों की सामूहिक निर्वासन नीति पर कड़ा विरोध जताया। तालिबान के शरणार्थी और पुनर्वास मामलों के उपमंत्री अब्दुल रहमान राशिद ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों, मानवीय सिद्धांतों और इस्लामिक मूल्यों का गंभीर उल्लंघन बताया।

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अब्दुल रहमान राशिद ने काबुल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “अफगानों को जिस पैमाने और तरीके से जबरन लौटाया गया है, वैसा अनुभव अफगानिस्तान के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।”

3 महीनों में 20 लाख अफगान लौटाए गए

तालिबान सरकार के आंकड़ों के अनुसार, ईरान से पिछले तीन महीनों में करीब 18 लाख अफगानों को जबरन देश निकाला दिया गया। पाकिस्तान से अब तक 1.84 लाख अफगानों को निकाला जा चुका है। तुर्किये से इस साल 5,000 से अधिक लोगों को वापस भेजा गया। साथ ही, 10,000 अफगान कैदियों को भी, जिनमें अधिकांश पाकिस्तान से थे, अफगानिस्तान वापस लाया गया।

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60 लाख अफगान अभी भी विदेशों में शरणार्थी

अफगान शरणार्थियों के मंत्रालय के अनुसार, अभी भी लगभग 60 लाख अफगान नागरिक विदेशों में रह रहे हैं। वहीं, 13,500 परिवार हाल की प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़ और तूफानों के कारण देश में ही विस्थापित हुए हैं। मंत्रालय के निदेशक महमूद अल हक अहदी के अनुसार, कुल आंतरिक रूप से विस्थापित परिवारों की संख्या अब 25 लाख के करीब पहुंच चुकी है।

मानवीय संकट गहराया

तालिबान सरकार ने कहा कि वह अफगान शरणार्थियों को कानूनी सहायता और सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए मेज़बान देशों से बातचीत करेगी। अहदी ने कहा, “हमारा उद्देश्य संवाद और सहयोग के माध्यम से टिकाऊ समाधान खोजना है।” संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बड़ी संख्या में अफगानों की एक साथ वापसी से अफगानिस्तान का पहले से ही कमजोर पुनर्वास तंत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala
गौरव काला को नेशनल, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय, क्राइम और वायरल समाचार लिखना पसंद हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 10 साल कार्य का अनुभव। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। और पढ़ें

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