इजरायल और ईरान में तनाव के बीच तालिबान की लग गई लॉटरी, जमकर छाप रहा नोट
- दरअसल, ईरान और इजरायल मिसाइल अटैक्स के बाद ज्यादातर इंटरनेशनल फ्लाइट्स अफगानिस्तान का एयरस्पेस इस्तेमाल कर रही हैं। इस हफ्ते यह अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

मिडिल ईस्ट में इजरायल के कई देशों के साथ जंग जैसे हालात बने हुए हैं। गाजा पट्टी में इजरायल हमास से लड़ रहा है तो लेबनान में हिजबुल्लाह और यमन में हूती विद्रोहियों का सफाया करने में लगा हुआ है। हालात तब और बिगड़ गए जब हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह को इजरायल ने बेरूत एयरस्ट्राइक में मार गिराया। इसके बाद ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अफगानिस्तान में तालिबान की 'लॉटरी' लग गई। दरअसल, ईरान और इजरायल मिसाइल अटैक्स के बाद ज्यादातर इंटरनेशनल फ्लाइट्स अफगानिस्तान का एयरस्पेस इस्तेमाल कर रही हैं। इस हफ्ते यह अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले गुरुवार को अफगानिस्तान के ऊपर से गुजरने वाली फ्लाइट्स की संख्या बढ़कर 191 हो गई। अफगानिस्तान की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल करने की इजाजत देने के लिए हर फ्लाइट से 700 डॉलर का चार्ज वसूलती है। इसकी वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहे तालिबान की काफी कमाई हो गई है। अफगानिस्तान में कई सालों तक अमेरिकी सेना तैनात रही थी, लेकिन 2021 में तालिबान ने वापस कब्जा कर लिया था, जिससे अमेरिकी सेना वापस अपने देश लौट गए। इसके बाद से ही अफगानिस्तान के एयरस्पेस से फ्लाइट्स गुजरने के लिए बचने लगी थीं।
पिछले साल सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के आतंकियों ने हमला बोल दिया, जिसके बाद आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ गया। इजरायल ने गाजा पट्टी में जबरदस्त पलटवार किया। इस साल अगस्त के दूसरे हफ्ते में अफगानिस्तान से गुजरने वाली फ्लाइट्स की संख्या पिछले साल इसी समय के तुलना में सात गुना ज्यादा हो गईं। यह जब ईरान ने कुछ दिनों पहले इजरायल पर मिसाइलें लॉन्च कीं तो आंकड़ा और बढ़ गया। फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों से पता चलता है कि 19 से 30 सितंबर के बीच औसतन रोजाना 147 उड़ानें अफगानिस्तान एयरस्पेस से होकर गुजरीं, जिनमें अफगानिस्तान से शुरू या खत्म होने वाली यात्राएं शामिल नहीं हैं।
इजरायल ने लेबनान पर हमला तेज किया
उधर, इजरायल ने शनिवार को लेबनान पर हमलों में तेजी लाते हुए बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर 12 हवाई हमले किए। उसने पहली बार उत्तरी लेबनान में एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर को भी निशाना बनाया। फलस्तीनी चरमपंथी समूह ने एक बयान में कहा कि उत्तरी शहर त्रिपोली के पास बेदावी शरणार्थी शिविर पर हुए हमले में हमास के सैन्य प्रकोष्ठ के एक अधिकारी, उनकी पत्नी और दो बेटियों की मौत हो गई। पिछले साल अक्टूबर में इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने लेबनान में हमास के कई अधिकारियों की जान ले ली है। इसके अलावा उसने हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया कर दिया है। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए हैं।
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