नए साल से इस देश में बुर्के पर पाबंदी, पकड़े जाने पर 1 लाख तक जुर्माना; इस्लामिक समुदाय में खलबली

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  • स्विटजरलैंड ने नए साल से देश में बुर्के पहनने पर पाबंदी लगा दी है। चार साल पहले हुए जनमत संग्रह के बाद यह फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद इस्लामिक समुदायों में खलबली मच गई है।

burqa ban law

शांत यूरोपीय देश स्विटजरलैंड ने साल 2025 के स्वागत के साथ ही नई नीतियों को देश में लागू कर दिया। नए कानूनों में सबसे ज्यादा चर्चा बुर्का बैन को लेकर हो रही है। चार साल पहले हुए जनमत संग्रह के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। पकड़े जाने पर एक लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। इस विवादास्पद कानून के लागू होते ही देश के भीतर ही नहीं इस्लामिक समुदायों में खलबली मच गई है।

दरअसल, मार्च 2021 में स्विटजरलैंड सरकार ने बुर्का पहनने या नहीं पहनने को लेकर वोटिंग कराई थी। जिसमें बुर्का पर बैन वाले कानून के पक्ष में 52 फीसदी लोगों ने मतदान किया। जबकि कानून के विरोध में 48 फीसदी लोगों ने मतदान किया। चार साल पहले हुए मतदान को अब लागू किया गया है। बुर्का प्रतिबंध अब देश में नए संवैधानिक अनुच्छेद का हिस्सा बन चुका है। जुर्माने के तौर पर 1,000 स्विस फ्रैंक (94,651.06 रुपये) वसूले जाएंगे।

इन मामलों में छूट

सरकार द्वारा जारी कानून के तहत यह ध्यान रखने वाली बात है कि बुर्के परप्रतिबंध हवाई जहाज़ या राजनयिक और वाणिज्य दूतावास परिसर में लागू नहीं होगा। लोग स्विटज़रलैंड में पूजा स्थलों या किसी भी तरह के धर्मनिरपेक्ष स्थल पर भी अपना चेहरा ढक सकते हैं।

सरकार क्यों लाई ऐसा कानून

स्विसइन्फो के अनुसार, बुर्के पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी (एसवीपी) द्वारा लाया गया था। हालांकि प्रस्ताव में मुसलमानों या इस्लाम का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। यह मुख्य रूप से प्रदर्शनकारियों द्वारा अपना चेहरा ढकने और प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है, लेकिन प्रतिबंध को देश में महिलाओं को बुर्का पहनने से रोकने के रूप में देखा जा रहा है। जब यह प्रस्ताव पेश किया गया था, तो स्विस सरकार ने इसका विरोध किया था। सरकार ने यह तर्क दिया था कि महिलाओं को क्या पहनना है? यह तय करना सरकार का काम नहीं है। इसके बाद यह प्रस्ताव 2021 में जनमत संग्रह के लिए गया, जहां लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मतदान किया।

स्विटज़रलैंड में कितने मुसलमान

ल्यूसर्न विश्वविद्यालय (जर्मन में) की रिसर्च के अनुसार, स्विटज़रलैंड की आबादी का केवल पांच प्रतिशत मुस्लिम है, जो मुख्य रूप से तुर्की, बोस्निया और कोसोवो जैसे देशों से आते हैं। देश भर में केवल 30 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं ही बुर्का पहनती हैं। नवंबर 2024 में इस प्रस्ताव को एक अधिनियम के रूप में औपचारिक रूप दिया गया था।

इस्लामिक देशों में खलबली

स्विटज़रलैंड द्वारा बुर्के पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद मुस्लिम समुदाय और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की। एक बयान में, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रतिबंध को "एक खतरनाक नीति कहा जो महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती है। ऐसा आरोप लगाया कि यह अभिव्यक्ति और धर्म की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।"

Gaurav Kala

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