
‘भयानक नजारा, युद्ध का मैदान लग रहा था’, स्विट्जरलैंड में 40 की जान लेने वाला अग्निकांड
ओरोस्टेविक नाम के शख्स ने बताया, 'मैं खुद वहां नहीं था, लेकिन मेरे माता-पिता के कई दोस्त और रिश्तेदार थे। कुछ की मौत हो गई। करीब 10 अस्पताल में हैं।' उन्होंने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
नए साल की पूर्व संध्या पर स्विट्जरलैंड ले कॉन्स्टेलेशन बार में भयानक आग लग गई। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे लगी इस आग में 40 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए। हादसे में मरने वालों को याद करने के लिए सैकड़ों लोग जमा हुए। भीषण ठंड में लोगों ने फूल चढ़ाए और मोमबत्तियां जला रहे थे। शोकाकुल लोग घटनास्थल को निहारते हुए चुपचाप खड़े थे। फुसफुसाहट में ही कुछ बातें हो रही थीं।
ओरोस्टेविक नाम के शख्स ने बताया, 'मैं खुद वहां नहीं था, लेकिन मेरे माता-पिता के कई दोस्त और रिश्तेदार थे। कुछ की मौत हो गई। करीब 10 अस्पताल में हैं।' उन्होंने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। दोस्त गले मिलकर रो रहे थे। आंखों में आंसू लिए लोग सन्न खड़े थे। पड़ोसी शहर चर्मिग्नॉन-डेन-बास के मैथिस ने कहा, 'यह बार हमारा पसंदीदा स्पॉट था, हर वीकेंड दोस्तों से मिलते थे। शुक्र है, इस बार नहीं गए। हमने सोचा छोटी आग है, लेकिन पहुंचे तो भयानक नजारा था। यह युद्ध का मैदान लग रहा था।'
चश्मदीदों ने क्या बताया
24 साल से इलाके में रहने वाले फ्रांसीसी नागरिक पाउलो मार्टिंस ने बताया, 'मेरा बेटा वहीं पास में था। वह गर्लफ्रेंड के साथ जाने वाला था लेकिन नहीं गया। वह घर लौटा तो सदमे में था। उसके 17 वर्षीय दोस्त को 30 प्रतिशत जलने के कारण जर्मनी इलाज के लिए ले जाया गया।' सड़क के मुहाने पर लगे टेबल पर फूल और मोमबत्तियां चढ़ाई जा रही थीं। पुलिस ने व्हाइट स्क्रीन से बार को ढका हुआ था। एक महिला ने कहा, 'हमारे करीबी लापता हैं, कोई खबर नहीं। वे जवान थे।'

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Niteesh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




