उस्मान हादी को 5 लाख टका दिए थे, मैं भारत नहीं भागा; हत्या के आरोपी का दूसरा वीडियो

Jan 01, 2026 08:37 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, ढाका
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यह दूसरा वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब इससे पहले जारी अपने पहले संदेश में फैसल करीम मसूद ने आरोप लगाया था कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या जमात शिबिर से जुड़े लोगों ने की और जमातियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

उस्मान हादी को 5 लाख टका दिए थे, मैं भारत नहीं भागा; हत्या के आरोपी का दूसरा वीडियो

बांग्लादेश में कट्टर भारत-विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध बताए जा रहे फैसल करीम मसूद ने 24 घंटे के भीतर दूसरा सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही दोहराई है। वीडियो में मसूद ने दावा किया कि वह इस समय दुबई में है और हत्या से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

यह वीडियो बांग्लादेशी पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। इसमें फैसल करीम मसूद ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उस आरोप को सिरे से खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि हत्या के बाद वह हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत फरार हो गया। मसूद ने कहा कि उसने कभी भारत में प्रवेश नहीं किया और पुलिस का दावा पूरी तरह गलत है।

मसूद के अनुसार, उसकी पहचान शरीफ उस्मान हादी से सरकारी और आईटी से जुड़े ठेके हासिल करने के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि मुहम्मद यूनुस के सरकारी हलकों में पैरवी के लिए उसने हादी को पांच लाख टका दिए थे। मसूद का कहना है कि यह रकम केवल लॉबिंग के लिए दी गई थी, न कि किसी गैरकानूनी उद्देश्य से।

मसूद ने वीडियो में कहा- मैंने उनसे नौकरी और कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद के लिए बात की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया और इसके बदले पांच लाख टका मांगे, जो मैंने दिए। उसने यह भी दावा किया कि बाद में दोनों के बीच राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा संपर्क बढ़ा और हादी ने उससे अंतरिम सरकार से जुड़े कार्यक्रमों के लिए स्वयंसेवक जुटाने में सहयोग मांगा। मसूद के मुताबिक, उनके बीच किसी तरह का विवाद नहीं था।

यह दूसरा वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब इससे पहले जारी अपने पहले संदेश में फैसल करीम मसूद ने आरोप लगाया था कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या जमात शिबिर से जुड़े लोगों ने की और जमातियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उसने कहा- मैंने हादी की हत्या नहीं की है। मुझे और मेरे परिवार को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।

गौरतलब है कि शरीफ उस्मान हादी जुलाई 2024 के बांग्लादेश छात्र आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे और छात्र संगठन इंकलाब मंच के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने फरवरी 12 को होने वाले आम चुनावों के लिए ढाका के बिजयनगर क्षेत्र से उम्मीदवार के तौर पर भी अपनी मुहिम शुरू की थी।

शरीफ उस्मान हादी पर ढाका में एक मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने गोलीबारी की थी। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश में व्यापक हिंसा और अशांति फैल गई थी। कई इलाकों में विरोध-प्रदर्शन हुए, भारतीय उच्चायोग की इमारत पर हमला किया गया और देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों प्रथम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और बांग्लादेशी सुरक्षा एजेंसियां फैसल करीम मसूद के दावों की जांच कर रही हैं।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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