गाजा में दो साल तक यौन हिंसा झेली; हमास द्वारा कैद किए गए 21 वर्षीय इजरायली बंधक का दावा

Nov 08, 2025 11:18 pm ISTUpendra Thapak रॉयटर्स
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21 वर्षीय रोम ब्रास्लाव्सकी इस्लामिक जिहाद ने बंदी बनाकर रखा था। यह एक फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन है, जो हमास के सहयोगी के रूप में काम करता है। इसने बीच में रोम का एक वीडियो भी प्रसारित किया था, जिसमें वह बेहद कमजोर और रोते हुए नजर आ रहे थे।

गाजा में दो साल तक यौन हिंसा झेली; हमास द्वारा कैद किए गए 21 वर्षीय इजरायली बंधक का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लागू की गई पीस डील के बाद गाजा में शांति के आसार नजर आ रहे हैं। हमास ने सभी जीवित बंधकों को रिहा कर दिया है, अब यह बंधक दो साल के दौरान अपनी कैद की कहानी को दुनिया के सामने रख रहे हैं। रिहा किए जाने वाले कुछ अंतिम जिंदा बंधकों में शामिल 21 वर्षीय रोम ब्रास्लाव्सकी ने दावा किया है कि इस्लामिक उग्रवादियों ने गाजा में उन्हें बंधक बनाए जाने के दौरान उनके साथ यौन हिंसा की थी। गौरतलब है कि किसी पुरुष बंधक द्वारा यौन हिंसा का आरोप लगाए जाने का यह पहला मामला है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल स्थानीय चैनल 13 को दिए एक इंटरव्यू में रोम ने अपने साथ हुई ज्यादती का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें बांधा गया और फिर उनके कपड़े निकाल दिए गए। उन्होंने एक उग्रवादी द्वारा किए गए कृत्यों का जिक्र करते हुए कहा,"वह यौन हिंसा थी। उसका मुख्य उद्देश्य मुझे अपमानित करना और मेरी गरिमा को कुचलना था।" हालांकि रॉयटर्स ने खुद इस कथन की पुष्टि नहीं की है।

गौरतलब है कि रोम को इस्लामिक जिहाद ने बंदी बनाकर रखा था। यह एक फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन है, जो हमास के सहयोगी के रूप में काम करता है। इसने बीच में रोम का एक वीडियो भी प्रसारित किया था, जिसमें वह बेहद कमजोर और रोते हुए नजर आ रहे थे।

इस्लामिक जिहाद का आरोपों से इनकार

रोम के आरोपों के बाद मीडिया ने इस्लामिक जिहाद के एक अधिकारी से इस मामले में सवाल पूछने की कोशिश की। इस पर अधिकारी ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर दिया, लेकिन इस पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी। दूसरी तरफ, इजरायली सरकार के एक प्रवक्ता ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रोम द्वारा लगाए गए आरोप गाजा के उग्रवादी संगठनों की वास्तविक प्रकृति का जीता जागता उदाहरण हैं।

आपको बता दें अभी तक हमास और अन्य उग्रवादी संगठनों द्वारा रिहा की गई चार महिला बंधकों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न का जिक्र किया है। इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र की एक टीम ने भी गाजा में उग्रवादियों द्वारा बंधकों के यौन उत्पीड़न का स्पष्ट सबूत होने की बात कही थी।

यह पूरा मामला, अक्तूबर 2023 में हमास और अन्य फिलिस्तीनी उग्रवादियों द्वारा इजरायल की सीमा में हमला करने के बाद शुरू हुआ था। इस हमले के दौरान उग्रवादियों ने 1200 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जबकि 251 लोगों को वह अपने साथ बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। इसके बाद इजरायल ने दो सालों तक गाजा में जमकर बम बरसाए, जिसमें 68,000 लोगों की जान चली गई।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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