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तुम हमारे भाइयों की हत्या करो और हम दोस्ती निभाएं, 72 साल बाद शुरू हुई इजरायल-सऊदी की यारी 37 दिनों में ही खाक

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भी संयुक्त अरब-इस्लामिक शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका से इजरायल की आक्रामकता को रोकने और फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिए गाजा पर कब्जे और हमले को समाप्त कराने का आ

तुम हमारे भाइयों की हत्या करो और हम दोस्ती निभाएं, 72 साल बाद शुरू हुई इजरायल-सऊदी की यारी 37 दिनों में ही खाक
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,रियादSun, 12 Nov 2023 10:52 AM
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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार को मुस्लिम देशों के संगठन इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और अरब लीग की आपात बैठक हुई, जिसमें गाजा पट्टी पर इजरायल के भीषण हमले पर चर्चा हुई और आगे की रणनीति बनाई गई। सऊदी अरब ने शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इस दौरान शुरुआती संबोधन में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने गाजा में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की और कहा कि हम एक मानवीय आपदा का सामना कर रहे हैं जो (संयुक्त राष्ट्र) सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून की विफलता की गवाही देता है।

क्राउन प्रिंस ने कहा कि गाजा पट्टी पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पहुंचा है। उन्होंने इस स्थिति का सामना करने और उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए सभी नेताओं को एकजुट होने का आह्वान किया। अपने भाषण के दौरान, क्राउन प्रिंस ने "तत्काल सैन्य अभियान बंद करने, नागरिकों के लिए मानवीय गलियारे प्रदान करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों को अपनी भूमिका निभाने में सक्षम बनाने" की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन में हमारे हजारों भाइयों की बेवजह हत्या की जा रही है। उन्होंने गाजा में संवेदनहीन युद्ध की निंदा की जिसने अब तक 13000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे, महिलाएं और  बुजुर्ग शामिल हैं।  बता दें कि हाल ही में अमेरिका की दखल से इजरायल और सऊदी अरब ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। ये दोस्ती 72 सालों बाद हो रही थी, जबकि दोनों देशों के बीच सिर्फ 16 किलोमीटर की दूरी है। अब 37 दिनों से चल रहे गाजा-इजरायल संघर्ष में ये दोस्ती जलकर खाक हो गई है।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भी संयुक्त अरब-इस्लामिक  शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका से इजरायल की आक्रामकता को रोकने और फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिए गाजा पर कब्जे और हमले को समाप्त कराने का आह्वान किया। अब्बास ने इजरायली हमलों के  लिए अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया है। दूसरी तरफ, ईरान ने इस्लामिक देशों से इजरायल पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। हालांकि, इजरायल-फिलिस्तीन के बीच मध्यस्थता करने वाले कतर ने गाजा में बंधकों की रिहाई पर जोर दिया।

बता दें कि हमास के खिलाफ शुरू किए गए इजरायल के युद्ध की वजह से सऊदी अरब, अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन के संयुक्त प्रयासों ने विश्वभर के मुस्लिम नेताओं को शिखर सम्मेलन के लिए रियाद में एक मंच पर साथ लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सऊदी अरब में हो रही इस बैठक में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी भी पहुंचे हैं। पिछले 11 सालों में ऐसा पहली बार है जब कोई ईरानी राष्ट्रपति सऊदी अरब पहुंचे हैं। रईसी इस बैठक में फिलस्तीनी काफ़िया पहनकर बैठक में पहुंचे थे।

इस संयुक्त बैठक में भाग लेने वालों में अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, OIC के महासचिव हिसैन ब्राहिम ताहा और फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी के आयुक्त-जनरल फिलिप लाज़ारिनी भी शामिल थे। इनके अलावा ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, मलेशियाई प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति मंसूर बिन जायद अल-नाहयान, लेबनान के प्रधान मंत्री नजीब आज़मी मिकाती और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो भी उपस्थित थे।