ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News विदेशइजरायल-हमास युद्ध पर रणनीति बनाएंगे जिनपिंग-पुतिन, BRICS देशों की महाबैठक आज

इजरायल-हमास युद्ध पर रणनीति बनाएंगे जिनपिंग-पुतिन, BRICS देशों की महाबैठक आज

Israel-Hamas War Latest Updates: BRICS देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। UN यानी संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी वर्चुअली बैठक में भाग लेंगे।

इजरायल-हमास युद्ध पर रणनीति बनाएंगे जिनपिंग-पुतिन, BRICS देशों की महाबैठक आज
Nisarg Dixitएजेंसियां,बीजिंग मॉस्कोTue, 21 Nov 2023 05:29 AM
ऐप पर पढ़ें

इजरायल-हमास मुद्दे पर BRICS देशों का शिखर सम्मेलन मंगलवार को वर्चुअली आयोजित होगा। बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जुड़ेंगे। दोनों देशों के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। ब्रिक्स समूह के वर्तमान अध्यक्ष दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने मध्य पूर्व की स्थिति पर यह बैठक बुलाई है। 

रामफोसा अपने संबोधन के साथ बैठक की शुरुआत करेंगे। उसके बाद सदस्य देश गाजा में मौजूदा मानवीय संकट पर अपना वक्तव्य देंगे। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी वर्चुअली बैठक में भाग लेंगे। सम्मेलन के अंत में गाजा के विशेष संदर्भ में मध्य पूर्व की स्थिति पर एक संयुक्त वक्तव्य अपनाने की उम्मीद है।

गाजा को बचाने के लिए चीन में जुटे इस्लामिक देशों के नेता
गाजा में जारी संघर्ष का समाधान ढूंढ़ने के लिए दुनियाभर के मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि सोमवार को चीन पहुंचे। बीजिंग इस्लामिक देशों के नए मुखिया बनने की की कोशिश में है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सऊदी अरब, जॉर्डन, मिस्र, फिलस्तीन राष्ट्रीय प्राधिकरण, इंडोनेशिया के समकक्षों के साथ-साथ इस्लामिक सहयोग संगठन के प्रमुख का राजधानी बीजिंग में स्वागत किया।

वांग यी ने कहा कि उनका देश जितनी जल्दी हो सके गाजा में युद्ध को समाप्त करने के लिए अरब और इस्लामी दुनिया में अपने भाइयों और बहनों के साथ काम करेगा। सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, फिलिस्तीनी प्राधिकरण और इंडोनेशिया के मंत्रियों ने विभिन्न देशों की आगामी यात्रा के तहत बीजिंग से दौरे की शुरुआत करने का फैसला किया, जो चीन के बढ़ते भू-राजनीतिक प्रभाव और फलस्तीनियों के लिए उसके दीर्घकालिक समर्थन को दिखाता है।

वांग ने वार्ता शुरू होने से पहले राजकीय अतिथि गृह में प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि चीन अरब और इस्लामी देशों का एक अच्छा दोस्त और भाई है। हमने हमेशा इस्लामी देशों के वैध अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा की है और हमेशा फिलिस्तीनी लोगों का दृढ़ता से समर्थन किया है। बता दें कि चीन लंबे समय से फलस्तीनियों का समर्थन करता रहा है और कब्जे वाले क्षेत्रों में बस्तियों को लेकर इजरायल की निंदा करता रहा है। चीन ने सात अक्तूबर को हमास के हमले की आलोचना नहीं की है।

तत्काल संघर्ष विराम, मानवीय सहायता का आह्वान
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने तत्काल संघर्ष विराम और गाजा पट्टी में मानवीय सहायता तथा राहत पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभी भी हमारे सामने खतरनाक घटनाक्रम हो रहे हैं और मानवीय संकट है जिससे निपटने और इसका मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की आवश्यकता है। 

प्रिंस फैसल ने पिछले सप्ताहांत कहा था कि पांचों विदेश मंत्री संघर्ष विराम पर जोर देने, गाजा में सहायता पहुंचाने और युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में कई देशों की राजधानियों का दौरा करेंगे। इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा भी उनके साथ बीजिंग की यात्रा पर हैं। 

फिलिस्तीनी प्राधिकरण के विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी ने कहा कि यह फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायल का पहला युद्ध नहीं है। हालांकि, इजरायल चाहता है कि यह उसका आखिरी युद्ध हो, जहां वह फलस्तीन की बची हुई ऐतिहासिक भूमि पर पूरा नियंत्रण बना ले।

दबाव डालना राजनीति से प्रेरित : इजरायल की राजदूत
चीन में इजरायल की राजदूत इरित बेन-अब्बा ने सोमवार को कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से गाजा में पर्याप्त मानवीय सहायता की अनुमति दे रहा है। इस संबंध में इजरायल पर दबाव डालना राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षा परिषद से संघर्ष विराम के आह्वान के बजाय हमास द्वारा बंधक बनाए गए 240 लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग की उम्मीद थी।