अल नीनो की स्थिति बहुत मजबूत होने का अनुमान
- डब्ल्यूएमओ कहा, यह स्थिति 2027 तक बनी रह सकती है नई दिल्ली,

- डब्ल्यूएमओ कहा, यह स्थिति 2027 तक बनी रह सकती है
अल नीनो की स्थिति
नई दिल्ली, एजेंसी। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा कि भूमध्यरेखा के निकट प्रशांत महासागर में बनी अल नीनो की मौजूदा स्थिति आने वाले महीनों में बहुत मजबूत हो सकती है। यह फरवरी 2027 तक बनी रह सकती है।
इसका प्रभाव
डब्ल्यूएमओ ने कहा कि इसका बारिश और तापमान पर बड़ा असर पड़ सकता है और बाढ़, सूखे तथा अत्यधिक गर्मी का खतरा बढ़ सकता है। संगठन की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि स्पेनिश में भले ही अल नीनो का मतलब 'बालक' है, लेकिन इससे दुनियाभर के लोगों और अर्थव्यवस्थाओं को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम पहले से ही सूखे और बाढ़ के कारण परेशानियों एवं तबाही का सामना कर रहे हैं तथा अल नीनो के मजबूत होने के साथ इन प्रभावों के और बढ़ने की आशंका है। डब्ल्यूएमओ का यह अनुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सितंबर के पूर्वानुमान के कुछ ही दिन बाद आया है। आईएमडी ने कहा था कि अल नीनो की स्थिति अगले साल फरवरी तक बनी रह सकती है।
भारत पर प्रभाव
अल नीनो के असर से धरती का तापमान गर्म होता है, जबकि इसका उलटा चरण 'ला नीना' आमतौर पर ठंडक लाता है। ईएनएसओ का एक सामान्य या तटस्थ चरण भी होता है। अल नीनो की स्थिति के कारण भारत में आमतौर पर कम बारिश होती है। इसलिए 31 अगस्त को आईएमडी ने जब पुष्टि की कि अल नीनो की मौजूदा स्थिति के कारण अगस्त में भारत में कुल बारिश कम रही, तो यह आश्चर्य की बात नहीं थी। आईएमडी के अनुसार, अगस्त में पूरे भारत में बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत कम रही।


