खेल : वावरिंका की हार के साथ विदाई से एक युग का अंत
विम्बलडन डायरी वावरिंका की हार के साथ विदाई से एक युग का अंत

विम्बलडन डायरी वावरिंका की हार के साथ विदाई से एक युग का अंत
विम्बलडन। दिग्गज खिलाड़ी स्टैन वावरिंका का विम्बलडन सफर भावुक अंदाज में हार के साथ समाप्त हो गया। तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन वावरिंका को मैतियो बेरेटिनी ने चार घंटे 20 मिनट तक चले रोमांचक पहले दौर के मैराथन मुकाबले में उन्हें हराया। इटली के मैतियो बेरेटिनी ने पहले दौर के चार घंटे 20 मिनट तक चले रोमांचक मैराथन मुकाबले में 6-7, 7-6, 7-6, 7-6 वावरिंका को शिकस्त दी। 41 साल और 106 दिन की उम्र में, वावरिंका पुरुष एकल ड्रॉ में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। वह इस सत्र के अंत में संन्यास लेने वाले हैं। इस तरह अब विम्बलडन में उनका पेशेवर करियर का अंत हो गया।
वावरिंका के लिए यह एक युग का अंत था
मैच के बाद उन्होंने कहा, जिस चीज से आप इतना प्यार करते हैं, उसे अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। मैं हमेशा से इस खेल के प्रति जुनूनी रहा हूं और मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे यहां आखिरी बार खेलने का मौका मिला। इससे बेहतर विदाई की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। मैं संन्यास नहीं लेना चाहता, लेकिन मुझे पता है कि अब मेरे रुकने का समय आ गया है। इतने लंबे समय तक खेलते रहने की एक वजह आज रात जैसे पलों का अनुभव करना था।
हार के खेल का पूरा आनंद लिया 44 साल की सेरेना ने
लंदन। लगभग चार साल बाद पहला एकल मैच खेलने वाली सेरेना विलियम्स को विम्बलडन में वापसी पर भले ही हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने खेल का पूरा आनंद लिया। इस बीच दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। 23 ग्रैंड स्लैम चैंपियन 44 वर्षीय सेरेना ने पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जॉइंट से 6-3, 6-7, 6-3 से हारने के बावजूद सराहनीय प्रदर्शन किया। उनकी दोनों बेटियां उनका उत्साह बढ़ा रही थीं। मैच समाप्त होने के बाद सेरेना तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुस्कुराते हुए मैदान से बाहर चली गईं। सेरेना ने मैच के दौरान दिखाया कि वह अब भी 120 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से सर्व कर सकती हैं और अपने ग्राउंडस्ट्रोक से अंक हासिल कर सकती हैं। हालांकि उनके लिए मूवमेंट समस्या थी।
सेरेना अब महिला युगल अपनी बड़ी बहन वीनस के साथ जोड़ी बनाकर किस्मत आजमाएंगी।


