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बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेनको क्यों बोले रूस, चीन और भारत एक साथ आएं

बेलारूसी राष्ट्रपति लुकाशेनको ने कहा है कि वाशिंगटन के विनाशकारी प्रभुत्व पर भरोसा करने के बजाए दुनिया अगर  रूस और चीन और शायद भारत पर निर्भर हो तो दुनिया पहले की तुलना में अधिक स्थिर होगी। 

बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेनको क्यों बोले रूस, चीन और भारत एक साथ आएं
Aditya Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 13 Apr 2022 11:43 AM

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रूस ने करीब 50 दिनों से बेलारूस पर हमला करना जारी रखा हुआ है। हाल के दिनों में रूस ने पूर्वी यूक्रेन में हमले तेज कर दिए हैं। मामले को लेकर रूस पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं और अमेरिका और यूरोप के देशों द्वारा रूस को अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है। इस बीच बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेनको ने भारत को लेकर एक बयान दिया है जिसकी चर्चा हो रही है।

लुकाशेनको ने अमेरिका को जमकर लताड़ा

रूसी सरकारी मीडिया रूस टुडे से बातचीत करते हुए बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेनको ने कहा है कि विश्व मंच की स्थिति अब मौजूदा परिस्थितियों के लिए मान्य नहीं है और इसमें काफी बदलाव की जरूरत है। अमेरिका को लताड़ते हुए उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने एक विनाशकारी विश्व व्यवस्था बनाई। यह व्यवस्था जल्द ही टूट जाएगी क्योंकि इसका आधार ही गलत है।

रूस, चीन और भारत एक साथ आएं

लुकाशेनको ने आगे कहा है कि वाशिंगटन के विनाशकारी प्रभुत्व पर भरोसा करने के बजाए दुनिया अगर  रूस और चीन और शायद भारत पर निर्भर हो तो दुनिया पहले की तुलना में अधिक स्थिर होगी। 

यूक्रेन मामले में रूस की मदद क्यों कर रहा है बेलारूस?

साल 2020 में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेनको के खिलाफ देश में भारी विद्रोह रहा। लोगों ने महीनों तक लुकाशेनको के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि चुनाव में लुकाशेनको ने धांधली की है और चोरी से राष्ट्रपति बन रहे हैं। इस वक्त रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लुकाशेनको की हर संभव मदद की और उनकी सत्ता बची रही।

रूस ने बेलारूस में लोकतंत्र का पुरजोर विरोध किया है। रूस ने बेलारूस की इकॉनमी को कई बार उबारा है। ऐसे में जब रूस को यूक्रेन में बेलारूस की मदद की जरूरत थी तो बेलारूस नहीं कहने की स्थिति में नहीं था। रूस ने यूक्रेन पर हमला करने से पहले 30 हजार से अधिक सैनिकों को अभ्यास के लिए बेलारूस भेजा था और बाद में और भी सैनिक भेजे थे। रूस और बेलारूस पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुतिन के आशीर्वाद की वजह से ही लुकाशेनको सत्ता में बने हुए हैं।

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