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आइए... हमारे यहां न्यूक्लियर प्लांट लगाइए, एक और मुस्लिम बहुल देश रूस का क्यों हुआ मुरीद

Indonesia-Russia Nuclear Deal: इंडोनेशियाई आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्री ने एयरोफ्लोट के डीजी सर्गेई अलेक्जेंड्रोवस्की के साथ भी बैठक की और न्यूक्लियर प्लांट का प्रस्ताव दिया

आइए... हमारे यहां न्यूक्लियर प्लांट लगाइए, एक और मुस्लिम बहुल देश रूस का क्यों हुआ मुरीद
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 12 Jun 2024 03:45 PM
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दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया ने रूस को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। इंडोनेशिया के आर्थिक मंत्री एयरलांगा हार्टार्टो ने अपनी रूस यात्रा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने रूस के परमाणु निगम रोसाटॉम में कॉर्पोरेट विकास और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पहले डिप्टी सीईओ किरिल कोमारोव के साथ बैठक के दौरान कहा, “परमाणु ऊर्जा पर्यावरण को प्रदूषित किए बिना लोगों के लिए ऊर्जा की सामर्थ्य बढ़ाने के तरीकों में से एक हो सकती है। हम रूस को इंडोनेशिया में नए अक्षय ऊर्जा स्रोतों के विकास में सहयोग करने का भी प्रस्ताव देते है।”

इंडोनेशियाई आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्री ने एयरोफ्लोट के महानिदेशक सर्गेई अलेक्जेंड्रोवस्की के साथ भी बैठक की है। हार्टार्टो ने एयरोफ्लोट के सीईओ से कहा, “इंडोनेशिया और रूस के शहरों के बीच सीधी उड़ानें निश्चित रूप से दोनों देशों के बीच पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मदद करेंगी और आयात तथा निर्यात रसद के प्रवाह में मदद कर सकती हैं। यह निश्चित रूप से इंडोनेशिया और रूसी अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।”

इससे पहले मंगलवार को हार्टार्टो ने रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव के साथ भी बैठक की। दोनों नेताओं ने व्यापार और आर्थिक संबंधों, ऊर्जा, कार निर्माण, कृषि, पर्यटन सहित अन्य विषयों पर चर्चा की।

वर्ल्ड न्यूक्लियर एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में इंडोनेशिया के पास परमाणु प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मजबूत बुनियादी ढांचा है लेकिन बड़ी इकाइयों की योजना में देरी हो रही है।  राजधानी जकार्ता के निकट सेरपोंग में 10 मेगावाट क्षमता का परमाणु ऊर्जा रिएक्टर बनाने की योजना है। रूस ने इसका कॉन्सेप्ट डिजायन तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि 2045 तक  इसे पूरा कर लिया जाएगा।

इंडोनेशिया की सरकार का लक्ष्य 2025 तक सभी को बिजली उपलब्ध कराना है लेकिन कुल खपत के मुकाबले बिजली उत्पादन कम है। इसलिए इंडोनेशिया स्वच्छ परमाणु ऊर्जा के विकल्पों की तलाश लंबे समय से कर रहा है। बता दें कि इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक विशाल देश है। इसकी भौगोलिक सीमा में 17,508 द्वीप आते हैं। यानी यह इतने द्वीपों वाला देश है, जहां प्राकृतिक संसाधन की बहुलता है। इसकी सीमा भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक फैली है।