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मलेरिया के खिलाफ लड़ाई के लिए डब्ल्यूएचओ की निवेश की अपील

malaria

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य सबंधी एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में आगाह किया है कि मलेरिया के खिलाफ वैश्विक लड़ाई थम सी गई है और इसमें बड़े स्तर पर निवेश के साथ ही साथ राजनीतिक नेतृत्व की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मलेरिया कार्यक्रम के निदेशक पेड्रो अलोन्सो ने जिनेवा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, '' यह दुनिया दोराहे पर खड़ी है। पिछले दशक में जो ऐतिहासिक प्रगति हुई थी वह स्पष्ट रूप से कमजोर हो रही है।"

अलोन्सो ने कहा कि अब भी दुनिया में इस बीमारी से सालाना 400,000 लोगों की मौत होती है और इसके 20 करोड़ मामले सामने आते हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक 2000 से 2015 के बीच मलेरिया के मामलों और इससे होने वाली मौतों में कमी की दिशा में हुई प्रगति के बावजूद पिछले दो वर्षों में इस दिशा में वैश्विक प्रगति थम सी गई है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि मलेरिया के मामलों में 2020 तक कमी लाने का लक्ष्य और 2030 तक इस बीमारी से होने वाली मौतों को 90 फीसदी कम करने का लक्ष्य अब शायद पूरा न हो पाए। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि अगर आशावादी स्थितियां रहीं तो भी अफ्रीका में 2050 में मलेरिया के एक करोड़ 10 लाख मामले होंगे। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, अफ्रीका के उप सहारा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मलेरिया पीड़ित हैं। इस क्षेत्र में 2018 में 90 फीसदी मौत का कारण मलेरिया तथा इससे संबंधित वजहें थीं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह बीमारी समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों, बेहद कम उम्र के लोगों तथा गरीब लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है। मलेरिया के पांच मामलों में से तीन मामलों में पीड़ित बच्चे होते हैं जिनकी उम्र पांच साल से कम होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मलेरिया से लड़ने के लिए अभी और 2030 के बीच 34 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की जरूरत है। 

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  • Web Title:WHO urges investment drive as malaria fight stalls