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14 जुलाई, 2020|6:33|IST

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कोरोना वायरस: जानें क्यों WHO ने हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा के ट्रायल पर लगाई रोक

hydroxychloroquine

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के संभावित इलाज के लिए कारगर मानी जा रही हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा के ट्रायल पर रोक लगा दी है। ऐसा सुरक्षा कारणों के चलते किया गया है। बता दें कि हाइड्रोक्लोरोक्वीन मलेरिया के रोगियों को दी जाती है।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेबियस ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीते सप्ताह लैंसेट में एक अध्ययन के प्रकाशित होने के बाद यह फैसला लिया गया कि कोविड-19 रोगियों पर दवा का उपयोग करने से उनके मरने की संभावना बढ़ सकती है। इसके चलते डब्ल्यूएचओ ने परीक्षणों को निलंबित कर दिया है, जबकि सुरक्षा को लेकर इसकी समीक्षा की जा रही है। टेड्रोस के मुताबिक, पहले डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड सेफ्टी डेटा की समीक्षा करेगा। ट्रायल के बाकी हिस्से जारी रहेंगे।

कई देशों में कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित हुए मरीजों के उपचार में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन या क्लोरोक्विन के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में डब्ल्यूएचओ हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. माइकल रयान ने कहा, “दोनों दवाओं को पहले से ही कई बीमारियों के लिए लाइसेंस प्राप्त है।”

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समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बुधवार (20 मई) को हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके दिए बयान के हवाले से आगे कहा, “हालांकि, अभी तक कोविड-19 संक्रमण के उपचार में इसके कारगर होने पर संशय है और इस बात का पता लगाया जाना बाकी है।'' 

माइकल ने जोर देकर कहा, “वास्तव में कोविड-19 संक्रमण के उपचार में दवा के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में कई अधिकारियों द्वारा इसके विपरीत चेतावनी जारी की गई है और कई देशों ने इसके उपयोग को 'क्लिनिकल ट्रायल' तक ही सीमित कर दिया है।” उन्होंने कहा, “अधिकारियों ने चेताया है कि इसके प्रयोग के कई संभावित साइड इफेक्ट्स हुए हैं और आगे कई और भी हो सकते हैं।”

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  • Web Title:WHO Stop hydroxychloroquine trial in Coronavirus patients