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जब भारतीय सैनिक करते थे अल अक्सा मस्जिद की हिफाजत, इजरायल-हमास युद्ध से क्या कनेक्शन

बात करीब 100 साल पहले की है जब भारतीय सैनिकों ने यरूशलम में स्थित अल अक्सा मस्जिद की हिफाजत की थी। उस वक्त ब्रिटेन ने कहा था कि वो इसे इजरायल को दे देगा।

जब भारतीय सैनिक करते थे अल अक्सा मस्जिद की हिफाजत, इजरायल-हमास युद्ध से क्या कनेक्शन
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 12 Nov 2023 11:44 AM
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इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकियों के बीच चल रहा कत्लेआम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायली सेना गाजा पट्टी में कहर बरपा रही है। उधर, इजरायल के ऐक्शन से मुस्लिम देश बिफरे हुए हैं। वे कड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। इस महायुद्ध का मुख्य कारण है- यरूशलम की अल अक्सा मस्जिद पर वर्चस्व किसका? हमास का कहना है कि उसके पवित्र स्थल पर इजरायली पुलिस के घुसने से नाराज होकर ही उसने 7 अक्टूबर को हमला किया। ये वही मस्जिद है जिस पर 105 साल पहले भारतीय सैनिकों ने फतह हासिल की थी। कई वर्षों तक भारतीय सैनिक इस मस्जिद की हिफाजत करते रहे। ब्रिटिश हुकूमत ने उस समय इजरायल को इसे सौंपने का वादा किया था।  

भारतीय सीमा से तकरीबन 40 हजार किलोमीटर दूर रेगिस्तान की चोटी पर स्थित यरूशलम इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकियों के बीच लड़ाई का प्रमुख मुद्दा रहा है। करीब 100 साल पहले ब्रिटिश हूकूमत के कहने पर भारतीय सैनिकों ने इस स्थान को ऑटोमस साम्राज्य से अलग किया था। भारतीय सैनिकों ने वीरता दिखाकर इसे ब्रिटेन के लिए जीता था। तब ब्रिटेन ने 1917 में वादा किया था कि वह इसे इजरायल को सौंप देगा। हालांकि फिलिस्तीन इसे अपना हिस्सा बताता है। इजरायल भी इस पर अपना दावा करता है।

यह बात प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान की है, जब ब्रिटेन के लिए भारतीय सैनिक लड़ा करते थे। मध्य पूर्व में हुई भीषण जंग में भारतीय सैनिकों को अपने प्राणों की आहूति देनी पड़ी थी। यहां आज भी भारतीय सैनिकों की याद में एक मकबरा मौजूद है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के लायलपुर के पाल सिंह, पटियाला के आसा सिंह, ग्वालियर इन्फैंट्री के सीताराम, गाजियाबाद के बशीर खान और अजनाला के मगहर सिंह के नाम स्मारक यहां मौजूद हैं। ये स्मारक इजरायल सीमा में आते हैं। इन जाबांज सैनिकों के नाम कब्र पर अंकित हैं।

ये सैनिक तब के अविभाज्य भारत के रहने वाले थे। इन सैनिकों में कुछ के गांव विभाजन के बाद पाकिस्तान में स्थित हैं।

अल अक्सा मस्जिद विवाद
इजरायल और हमास युद्ध 7 अक्टूबर को 20 मिनट में 6000 रॉकेट दागने के साथ शुरू हुआ। हमास ने इस हमले को अल अक्सा फ्लड कहा। यह भी कहा कि यह अल अक्सा मस्जिद में इजरायल द्वारा किए गए कृत्य का बदला है।  2021 में इजरायली पुलिस पर मस्जिद पर घुसने का आरोप है। अल अक्सा मस्जिद मुस्लिम और अरब देशों के लिए पवित्र स्थान है। इसके अलावा यहूदी भी इसे अपना पवित्र स्थल मानते हैं। यरूशलम के दो हिस्सों पर अलग-अलग हुकूमत है। 1948 से पश्चिमी यरूशलम पर इजरायल का कब्जा है। यहां यहूदी लोगों की बड़ी तादात रहती है। जबकि, पूर्वी यरूशलम में फिलिस्तीनी लोगों की ज्यादा संख्या है। यहां 1967 में इजरायल ने कब्जा किया था।