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4 नवंबर, 2020|2:43|IST

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ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के ट्रायल के दौरान वॉलंटियर की मौत, टेस्टिंग रोकने से इनकार

serum institute of india to produce additional 100 million covid-19 vaccine doses for india  others

वैश्विक महामारी कोरोना पर नियंत्रण के लिए विकसित किए जा रहे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के टीके के परीक्षण के दौरान 15 अक्तूबर को एक प्रतिभागी की मौत हो गई। ये मामला ब्राजील के साओ पाउलो में सामने आया, जहां इस टीके के तीसरे चरण का परीक्षण किया जा रहा है। दरअसल, परीक्षण में शामिल रियो-डि-जेनेरियो के रहने वाले एक 28 वर्षीय व्यक्ति को टीके की पहली खुराक देने के बाद उसे स्वास्थ्य परेशानी हुई और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना ने वैक्सीन को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने ट्रायल रोकने से इनकार कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अभी कोरोना के संभावित 42 टीकों का परीक्षण किया जा रहा है, जिनमें से दस तीसरे चरण में हैं। गौरतलब है कि अमेरिका के बाद ब्राजील में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा प्रकोप है। कोरोना के चलते ब्राजील में अब तक 1,54,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

ऑक्सफोर्ड का दावा, वैक्सीन नहीं मौत का कारण

हालांकि, ऑक्सफोर्ड का दावा है कि तीसरे चरण के परीक्षण के दौरान प्रतिभागी की मौत टीके के कारण नहीं हुई है। ब्राजील के स्वास्थ्य प्राधिकरण एविसा ने कहा है कि इस प्रतिभागी की मौत कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति के चलते हुई है। इसे परीक्षण के दौरान टीके की खुराक नहीं दी गई थी, बल्कि प्लेसेवो लगाई गई थी, जो कि असली दवा नहीं है। वैक्सीन के किसी भी नकारात्मक प्रभाव से इनकार करते हुए उसने तीसरे चरण का परीक्षण जारी रखने की सिफारिश की है।

सब कुछ उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रहा    

जानकारी के मुताबिक ब्राजील में जारी एस्ट्राजेनेका के टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के लिए 10,000 प्रतिभागियों में से 8,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इन प्रतिभागियों को ब्राजील के छह शहरों के अस्पतालों में टीके की खुराक दी गई। तीसरे चरण के परीक्षण में कंपनी की मदद कर रहे ब्राजील विश्वविद्यालय ने दावा किया कि किसी भी प्रतिभागी में टीके से संबंधित कोई दुष्प्रभाव को नहीं देखा गया। सब कुछ उम्मीद के मुताबिक ही आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका में एस्ट्राजेनेका से जुड़े परीक्षण पर रोक

कोरोना के खिलाफ टीके की रेस में सबसे आगे एस्ट्राजेनेका की एजेडडी-1222 के परीक्षण पर अमेरिका में अब भी रोक जारी है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने एक मरीज में हुए दुष्प्रभावों की जांच के लिए इसके परीक्षण पर रोक लगाई थी। हालांकि, अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव एलेक्स अजार के अनुसार अन्य देशों में इसके तीसरे चरण के परीक्षण जारी हैं। इसी क्रम में ब्राजील में इसका परीक्षण हो रहा था, जहां एक प्रतिभागी की मौत हो गई। बता दें कि इससे पहले जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने भी अपनी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दी थी। एक प्रतिभागी के बीमार पड़ने के बाद इसका परीक्षण रोक दिया गया था।

रूसी टीके का परीक्षण कर रही भारतीय कंपनी पर साइबर हमला

भारत में रूसी टीके स्पूतनिक-वी का परीक्षण कर रही ‘डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज’ पर साइबर हमला हुआ है। इसके बाद उसने दुनियाभर के सभी डाटा केंद्रों की सेवाओं को बंद कर दिया है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि उसने साइबर हमले की पहचान किए जाने के बाद बचाव के कदम उठाने के लिए ऐसा किया है। डॉ. रेड्डीज के अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, रूस और भारत में ड्रग प्लांट मौजूद हैं। हाल ही में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज को रूसी कोरोना वायरस वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी मिली थी।

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  • Web Title:Volunteer dies during trial of Oxford Coronavirus vaccine refusal to stop testing