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यूक्रेन से युद्ध के बीच व्लादिमीर पुतिन को लेना पड़ा बड़ा फैसला, रक्षा मंत्री को पद से हटाया

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से जारी युद्ध के बीच बड़ा फेरबदल किया है। उन्होंने सर्गेई शोइगु को रक्षा मंत्री पद से हटा दिया है और रक्षा उद्योग का कार्यभार दिया है।

यूक्रेन से युद्ध के बीच व्लादिमीर पुतिन को लेना पड़ा बड़ा फैसला, रक्षा मंत्री को पद से हटाया
Ankit Ojhaएजेंसियां,मॉस्कोMon, 13 May 2024 07:10 AM
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रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु को हटा दिया है। उन्होंने आंद्रेई बेलेसाउ को नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। बेलेसाउ रूस के उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं। बताया गया कि पुतिन ने शर्गेई शोइगु को रक्षा मंत्री पद से इसलिए मुक्त किया क्योंकि वह उन्हें शक्तिशाली सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त करना चाहते हैं। फिलहाल निकोलाई पात्रुशेव इस पद को संभाल रहे हैं। युद्ध के बीच रक्षा उद्योग की समस्याओं को संभालने के लिए पुतिन को सर्गेई शोइगु पर ज्यादा विश्वास है। वह पुतिन के पुराने करीबी माने जाते हैं। 

बता दें कि नए रक्षा मंत्री बेलसाउ को आर्थिक मोर्चे का महारथी माना जाता है। ऐसे में उनको रक्षा मंत्री बनाने के फैसले पर लोग हैरान हैं। बता दें कि रूस यूक्रेन के खिलाफ फरवरी 2022 से जंग लड़ रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक मंत्रिमंडल में जो भी बदलाव किए गए हैं उनको संसद में भी स्वीकृति मिलना तय है। वहीं जनरल स्टाफ के चीफ गेरासिमोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अपने पद पर बने रहेंगे। 

बता दें कि शोइगु को जो नई भूमिका दी गई है वह रक्षा मंत्री से भी पद में बड़ी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता ने बताया कि 1980 में सोविय यूनियन का जो हाल हुआ था उसे देखते हुए ये  परिवर्तन सही हैं। उस समस सेना और अन्य सुरक्षाबलों पर देश का 7.4 पर्सेंट खर्च होता था। ऐसे में पुतिन चाहते हैं कि कोई आर्थिक समझ रखने वाला व्यक्ति रक्षा मंत्रालय का पदभार संभाले और ज्यादा खर्च को कम करने में मदद करे। 

पुतिन ने पूर्व राष्ट्रपति मिखाइल मिशुस्तिन को पुन: देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है और उनके नाम को मंजूरी के लिए संसद के निचले सदन के पास भेजा है।

रूसी कानून के अनुरूप 58 वर्षीय मिशुस्तिन ने मंगलवार को उस वक्त अपने मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंपा जब पुतिन ने राष्ट्रपति के तौर पर अपना पांचवां कार्यकाल शुरू किया था। मिशुस्तिन पिछले चार वर्ष से प्रधानमंत्री पद पर थे।हालांकि राजनीतिक जानकारों को मिशुस्तिन के पुन: नियुक्त किए जाने की उम्मीद थी। उनका मानना है कि पुतिन को उनका कौशल और सुर्खियों से दूरी पसंद है। रूस की कर सेवा के पूर्व प्रमुख मिशुस्तिन अपने पिछले कार्यकाल के दौरान राजनीतिक बयानबाजियों से दूर थे और मीडिया में साक्षात्कार भी नहीं देते थे।