Violence in Iran After Petrol Price Hike - ईरान में पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के बाद भड़की हिंसा DA Image
9 दिसंबर, 2019|8:14|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ईरान में पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के बाद भड़की हिंसा

iran  reuters photo

ईरान में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के बाद हिंसा भड़क उठी। कई शहरों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुई हैं। सरकार ने एक दिन पहले पेट्रोल की राशनिंग और इसकी कीमतों में कम से कम 50 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की है। मध्य ईरान के सिरजन में शुक्रवार (15 नवंबर) रात को प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने ईंधन भंडार गृह पर हमला बोला और उसमें आग लगाने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों को काबू में किया जा सका। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कई अन्य शहरों मश्शद, बिरजंद, अहवाज, गचसारन, अबादन, खोरामशहर, महशहर, शिराज और बंदर अब्बास में भी छिटपुट प्रदर्शन हुए।

इसलिए बढ़ाई कीमत
अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके प्रभाव को कम करने और इससे उबरने के लिए सरकार ने पेट्रोल की कीमतों पर सब्सिडी में भारी कटौती की है। ईरान को तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि पेट्रोल पर सब्सिडी हटाने से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल कम आय वाले परिवारों को नकद भुगतान के लिए किया जाएगा।

प्रति माह 60 लीटर पेट्रोल ही मिलेगा
इस नए उपाय के तहत प्रत्येक मोटरसाइकिल चालक को प्रति माह 60 लीटर (13 गैलन) पेट्रोल खरीदने की अनुमति होगी। इसके लिए चालक को प्रति लीटर 15,000 (0.13 डॉलर और 9.31 रुपये) रियाल खर्च करने होंगे। इसके बाद प्रत्येक अतिरक्त लीटर पर 30,000 रियाल देने होंगे। इससे पहले चालक 250 लीटर पेट्रोल खरीद सकते थे और इसके लिए उन्हें 10,000 रियाल प्रति लीटर खर्च करने पड़ते थे।

2.55 अरब डॉलर का राजस्व मिलेगा: सरकार
ईरान ने शुक्रवार (15 नवंबर) को पेट्रोल की राशनिंग शुरू करने और पंप पर इसकी कीमतों में कम से कम 50 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। ईरान ने कहा है कि यह कदम जरूरतमंद लोगों की नकदी की जरूरत को पूरा करने के लिए उठाया गया है। देश के योजना एवं बजट संगठन के प्रमुख मोहम्मद बाघर नोबख्त ने  कहा कि इस उपाय से 3,00,000 रियाल (2.55 अरब डॉलर) सालाना का राजस्व मिलेगा।

चिली में भी हुआ था प्रदर्शन
पिछले दिनों चिली में भी सामाजिक और आर्थिक असमानता को लेकर लोगों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा के इस्तीफे और आर्थिक सुधारों की मांग को लेकर दस लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए। इसे अब तक का सबसे बड़ा सरकार विरोधी प्रदर्शन माना जा रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Violence in Iran After Petrol Price Hike