खेल : आखिर सूर्यवंशी का बल्ला गरजा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे में दिखाए तेवर पहला टी-20 हरारे, एजेंसी। तेज गेंदबाज

खेल : आखिर सूर्यवंशी का बल्ला गरजा

सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे में दिखाए तेवर पहला टी-20

हरारे, एजेंसी। तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव की धारदार गेंदबाजी के बाद युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने तहलका मचाया। सूर्यवंशी के रिकॉर्ड तूफानी अर्धशतक से टीम इंडिया ने गुरुवार को जिम्बाब्वे को पहले टी-20 में 40 गेंद रहते सात विकेट से धो दिया। एकतरफा जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली।

जिम्बाब्वे से मिला लक्ष्य

जिम्बाब्वे से मिला 126 रन का लक्ष्य भारत ने 13.2 ओवर में तीन विकेट पर 126 रन बनाकर हासिल कर लिया। सूर्यवंशी (50) ने टीम को तेजतर्रार शुरुआत दिलाई। उन्होंने ने रिचर्ड एनगारवा की लगातार गेंदों पर कवर्स पर से दो गगनचुंबी छक्कों और एक चौके के साथ तेवर दिखाए। तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस पर मैदान के बीचों-बीच स्ट्रेट पर जड़ा चौका दर्शनीय था। ब्लेसिंग मुजाराबानी ने अभिषेक को इवांस के हाथों कैच कराके भारत को पहला झटका दिया। इसका सूर्यवंशी पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने इवांस की लगातार गेंदों पर चौका और छक्का जड़ने के बाद मुजाराबानी पर दो चौके और एक छक्का जड़कर पांचवें ओवर में भारत के रनों का अर्धशतक पूरा किया। ईशान (35) ने न्युमैन नयामहुरी पर तीन चौकों के साथ पावरप्ले में टीम का स्कोर एक विकेट पर 66 रन किया।

वैभव की उपलब्धि

सूर्यवंशी ने रिचर्ड की गेंद पर एक रन के साथ 18 गेंद में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि अगली गेंद पर डीप थर्डमैन पर कुरेन को कैच दे बैठे। कप्तान श्रेयस ने रिचर्ड पर चौके से खाता खोला। फिर इवांस की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। किशन ने भी इवांस पर छक्का जड़ा। मुजाराबानी ने ईशान को पवेलियन भेजकर श्रेयस के साथ उनकी 46 रन की साझेदारी का अंत किया। अंत में श्रेयस ने तिलक के साथ मिलकर टीम की जीत की औपचारिकता पूरी की।

मयंक का प्रदर्शन

इससे पहले करीब दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे मयंक ने पहली ही गेंद पर ब्रायन को खाता खोले बिना पवेलियन भेजकर जो झटका दिया उनसे टीम अंत तक उबर नहीं पाई। टीम सात विकेट पर 125 रन ही बना पाई। वेस्ली माधेवेरे (39), ताडिवनाशे मरुमानी (नाबाद 27), रेयान बर्ल (26) और बेन (10) ही दोहरे अंक तक पहुंचे। पहला मैच खेल रहे बेन ने पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज अशोक पर लगातार दो चौके मारे लेकिन प्रिंस यादव की गेंद को मिडविकेट पर सूर्यवंशी के हाथों में खेल गए। मयंक ने डियोन मायर्स को दुबे के हाथों कैच कराके जिम्बाब्वे को तीसरा झटका दिया। इससे उसका तीन विकेट पर 20 और फिर चार विकेट पर 64 रन हो गया। वेस्ली और मरुमानी ने छठे विकेट के लिए 58 रन जोड़कर टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया। भारत के लिए मयंक और प्रिंस ने दो जबकि शिवम दुबे और रवि बिश्नोई ने एक-एक विकेट चटकाया।

-----------------------

सबसे युवा बल्लेबाज

वैभव अर्धशतक जड़ने वाले सबसे युवा

भारत के वैभव सूर्यवंशी (15 साल 118 दिन) पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 18 गेंद में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला (15 साल 340 दिन) का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। पूर्णकालिक देशों में सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ने में दिग्गज सचिन (16 साल 213 दिन, बनाम पाकिस्तान 1989, टेस्ट) को भी वैभव ने पीछे छोड़ दिया।

----------------

मयंक की उपलब्धि

मयंक तीसरे भारतीय

मयंक टी-20 मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। वह अर्शदीप सिंह (बनाम अमेरिका 2024) और हार्दिक पांड्या (बनाम पाकिस्तान, 2025) के क्लब में शामिल हो गए।

---------------------

श्रेयस की कप्तानी में पहली जीत

श्रेयस की पहली जीत

श्रेयस की कप्तानी में यह आठ मुकाबलों में भारत की पहली जीत है। इससे पहले खेले गए सात मुकाबलों में से छह हारे और एक रद्द रहा था। यही नहीं यह विश्व कप जीतने के बाद भी सबसे छोटे प्रारूप में टीम की पहली विजय है।

-----------------

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦वैभव सूर्यवंशी ने सबसे कम उम्र में कब अर्धशतक बनाया?−
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाया।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsInternational Newsखेल : आखिर सूर्यवंशी का बल्ला गरजा