खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले मशहद रेल लाइन पर हमला
अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की दफन से कुछ घंटे पहले मशहद रेल मार्ग पर हमला किया। यह ईरान के लिए बड़ा झटका है। हमले के दौरान सरकारी मीडिया ने सूचना दी कि दो पुलों को निशाना बनाया गया। ईरान ने अमेरिका के इन हमलों का कड़ा विरोध किया है।

तेहरान, एजेंसी। अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में दफनाए जाने से कुछ घंटे पहले मशहद रेल मार्ग को निशाना बनाया। यह ईरान के लिए बड़ा झटका है। ईरानी सरकारी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड के अनुसार मशहद मार्ग पर दो पुलों पर हमला किया गया, जबकि सरकारी मीडिया ने गोलस्तान प्रांत में एक रेलवे पुल पर भी हमले की सूचना दी। यह हमला ऐसे समय हुआ जब मशहद में खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों के बाद मशहद जाने वाले रेल मार्ग पर हुए हमले ने सुरक्षा चिंताएं और बढ़ा दी हैं。
ईरान की शर्तों पर ही खोलेगा होर्मुज
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज को अमेरिका की धमकियों पर नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही दोबारा खोला जाएगा। अमेरिका ने अभी तक यह नहीं सीखा है कि धौंस जमाने और अपनी प्रतिबद्धताएं तोड़ने की अब कीमत चुकानी पड़ती है। मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि आप हमला करेंगे, तो जवाबी हमला झेलेंगे। व्यर्थ संघर्ष मत कीजिए, इससे आप और गहरे संकट में फंसेंगे।
ईरान ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखा
ईरान ने अपने क्षेत्र पर अमेरिका के नए हमलों की आधिकारिक जानकारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दी है। ईरान ने सुरक्षा परिषद से इस मामले में तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया है और अमेरिका को इसके गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को लिखे एक पत्र में अमेरिका के इन कदमों का कड़ा विरोध किया।


