होर्मुज में पोत पर हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर भीषण प्रहार
विकल्प हेडिंग 1. होर्मुज में पोत पर हमले के बाद अमेरिका का ईरान अमेरिका ने होर्मुज में एक पोत पर हुए हमले के जवाब में रविवार तड़के ईरान पर ताबड़तो

दुबई, एजेंसी। अमेरिका ने होर्मुज में एक पोत पर हुए हमले के जवाब में रविवार तड़के ईरान पर ताबड़तोड़ बम बरसाए। उसके 140 ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने ईरान के करीब 140 ठिकानों पर हवाई हमले करने के बाद अपनी हालिया सैन्य कार्रवाई का यह चरण पूरा कर लिया है। उसने कहा कि निशाना बनाए गए ठिकानों में मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण और अन्य केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने बताया कि इन हमलों ने होर्मुज से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले वाणिज्यिक पोतों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को लगातार कमजोर किया है। इससे पहले ईरान ने होर्मुज में साइप्रस के ध्वज वाले एक कंटेनर पोत पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई और चालक दल को पोत छोड़ना पड़ा। पोत पर चालक दल के सदस्यों में से 11 भारतीय नागरिक थे। पोत ओमान के तट के साथ-साथ बने रास्ते पर चल रहा था। उधर, ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि कई पोतों ने मार्ग बदलने और स्वीकृत रास्ते से आगे बढ़ने संबंधी हमारे निर्देशों की अनदेखी की। इनमें से एक पोत चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोली की चपेट में आ गया और उसे रोक दिया गया। बता दें कि मध्य-पूर्व में नई झड़पें तब हुई हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान युद्ध को लेकर एक अंतरिम समझौता खत्म हो गया है।
तेहरान ने पलटवार किया
कतर की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने ईरान की ओर से किए गए हमलों को नाकाम कर दिया है। कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमलों को नाकाम किए जाने के दौरान गिरे मलबे और छर्रों की चपेट में आने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। वहीं, पड़ोसी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कुवैत की सेना ने भी कहा कि वह देश को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को नाकाम कर रही है। बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी के सायरन बजे। साथ ही कहा कि ईरान उसके नागरिक को निशाना बना रहा है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है। ओमान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित कुछ ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। यह क्षेत्र होर्मुज के किनारे स्थित है। ईरान के हालिया दौर के हमलों में अब तक उसे निशाना नहीं बनाया गया था। यह हमला ऐसे वक्त हुआ, जब दोनों देशों ने शनिवार को बातचीत की थी।
तीसरे दौर के हमले किए
अमेरिका ने पिछले एक सप्ताह में ईरान को निशाना बनाकर तीन दौर के हवाई हमले किए हैं। ये हमले ईरान द्वारा होर्मुज से गुजर रहे पोतों पर किए गए हमलों के जवाब में किए गए। ये पोत ऐसे मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसका उद्देश्य ईरान के क्षेत्रीय जल से बचते हुए जलडमरूमध्य से गुजरना था। इसके जवाब में तेहरान ने क्षेत्र के उन देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं। ईरान ने जोर देकर कहा कि होर्मुज पर केवल उसका नियंत्रण होना चाहिए। यहां से गुजरने वाले पोतों से वह संभावित रूप से शुल्क भी वसूल सकता है।
होर्मुज अगली सूचना तक बंद
ईरान ने कहा कि होर्मुज अगली सूचना तक बंद रहेगा। उसने यह भी कहा कि यदि उस पर और हमले किए गए तो वह क्षेत्र में दुश्मन के अतिरिक्त ठिकानों को निशाना बनाने पर विचार करेगा।
एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म : गालिबफ
ईरान की संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकारों में शामिल मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। हमने आपसे कहा था-अपना वादा निभाइए, वरना कीमत चुकाइए। अब हकीकत दरवाजे पर दस्तक दे रही है।
तेहरान ने गलत विकल्प चुना : हेगसेथ
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने गलत विकल्प चुना। अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। हमलों का यह ताजा दौर शनिवार को ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों के बीच होर्मुज को लेकर हुई बैठक के बाद सामने आया। इससे पहले कई दिनों तक ईरान ने पोतों पर हमले किए और अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे युद्ध समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को बड़ा झटका लगा।
होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर टकराव
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है। यह मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।


