अमेरिकी विधेयक पर करीबी नजरः भारत
अमेरिकी संसद में रूसी तेल पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने वाले विधेयक को सीनेट से मंजूरी मिली है। भारत इस पर करीबी नजर बनाए हुए है और उसने कहा है कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा की प्राथमिकताएँ स्पष्ट हैं। विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ संवाद बनाए रखने की बात की।

नई दिल्ली, एजेंसी। रूसी तेल एवं गैस के भारत, चीन समेत बड़े खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान करने वाले विधेयक को अमेरिकी सीनेट में मंजूरी दिए जाने के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब निचले सदन प्रतिनिधि सभा में विचार के लिए जाएगा। प्रस्तावित कानून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर कड़े व्यापारिक शुल्क लगाने का अधिकार देगा, जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल एवं गैस का आयात करते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत का रुख कई बार स्पष्ट किया जा चुका है। यह हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को विविध स्रोतों के जरिए पूरा करने पर आधारित है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है। उन्होंने बताया कि भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के संबंधित हितधारकों के साथ विभिन्न स्तरों पर संवाद बनाए हुए है।
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