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पेंटागन रिपोर्ट में खुलासा, लश्कर-ए-तैयबा अफगानिस्तान में अमेरिका के लिए बड़ा खतरा

lashkar-e-taiba

अमेरिका अफगानिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को अपने और सहयोगी बलों के लिए बड़े खतरे के तौर पर मानता है। यह बात पेंटागन की रिपोर्ट ‘लीड इंस्पेक्टर जनरल फॉर ऑपरेशन फ्रीडम्स सेंटिनेल’ में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में 20 सबसे बड़े आतंकवादी संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा पांचवें स्थान पर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लश्कर के 300 और इस्लामिक अमीरात हाई काउंसिल के 1,000 आतंकवादी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं। संयुक्त राज्य और संयुक्त राष्ट्र की ओर नामित वैश्विक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार था, जिसमें लगभग 166 लोग मारे गए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा विभाग ने अफगानिस्तान में ‘हक्कानी नेटवर्क’, पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक आंदोलन और लश्कर-ए-तैयबा को ऐसे समूहों के रूप में पहचाना, जो अमेरिका और सहयोगी बलों के लिए बड़ा खतरा हैं। आईएसआईएस-के, तहरीक-ए-तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के अनुमानित 3,000-5,000 लड़ाके हैं, जो अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी समूहों की सूची में शीर्ष पर हैं।

लश्कर-ए-तैयबा सबसे बड़े आतंकी समूहों में से एक 
1980 के दशक में गठित लश्कर वर्तमान में पाकिस्तानी धरती से संचालित होने वाले सबसे बड़े आतंकी समूहों में से एक है। दिसंबर 2001 में राज्य विभाग ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में लश्कर को नामित किया। पाकिस्तान ने 2002 में लश्कर पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन समूह ने अपने समर्थक आतंकी संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत के माध्यम से काम करना जारी रखा। पुलवामा आतंकी हमले के बाद आतंकी समूहों पर लगाम लगाने के लिए वैश्विक दबाव के बीच पाकिस्तान को इस साल इन समूहों पर प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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  • Web Title:US sees Pakistan based LeT threat to it in Afghanistan Report By Pentagon