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UN सदस्य देशों से अमेरिका की अपील, रूस को परमाणु हमले की धमकी देने से रोकिए

यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से परमाणु हमले की धमकी के बाद यूरोपी देशों में खलबली मच गई है। अमेरिका ने रूस की धमकियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

UN सदस्य देशों से अमेरिका की अपील, रूस को परमाणु हमले की धमकी देने से रोकिए
Ashutosh Rayएपी,संयुक्त राष्ट्रThu, 22 Sep 2022 10:16 PM

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अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सभी सदस्यों से रूस को परमाणु हमले की धमकी देने से रोकने के लिए कहा है। अमेरिका की विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को यूएनएससी के हर सदस्य देश से इस बात का स्पष्ट संदेश भेजने की अपील की कि रूसी परमाणु हमले की धमकी हर हाल में रोकी जानी चाहिए। ब्लिंकन ने यूक्रेन में रूसी हमले के बारे में परिषद के एक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

ब्लिंकन ने कहा, परिषद के सभी सदस्य देशों को लापरवाह परमाणु खतरों को तुरंत रोकने के लिए रूस को स्पष्ट संदेश देना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान ब्लिंकन ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कई अपराधों का भी जिक्र किया और देशों से इस संबंध में आवाजा उठाने की अपील की।

पुतिन ने कहा था- जरूरत पड़ी तो हर विकल्प का करेंगे उपयोग

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि राष्ट्र को खतरा होने की सूरत में अपने लोगों की रक्षा के मद्देनजर परमाणु शक्ति संपन्न उनका देश हर उपलब्ध विकल्प का उपयोग करेगा। एक दिन पहले बुधवार को परिषद को संबोधित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि रूस ने यूक्रेन के साथ क्रूर और बेवजह युद्ध करके, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों का शर्मनाक तरीके से उल्लंघन किया है।

रूस को हरकतों को बाइडेन ने बताया था गैर जिम्मेदाराना

बाइडेन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूरोप पर परमाणु हथियारों से हमले की नई धमकी से पता चलता है कि रूस परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर करने के बावजूद गैर जिम्मेदाराना तरीके से उसके प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रहा है। हम रूस के हमले के विरुद्ध एकजुट होकर खड़े रहेंगे।

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बाइडेन ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन बताया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा बुधवार को तीन लाख आरक्षित सैनिकों की आंशिक तैनाती की घोषणा का जिक्र करते हुए बाइडेन ने कहा कि रूस में इस कदम का विरोध हो रहा है। बाइडेन ने अपने संबोधन में कहा, 'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक स्थायी सदस्य ने अपने पड़ोसी पर आक्रमण किया, एक संप्रभु राष्ट्र को नक्शे से मिटाने का प्रयास किया। रूस ने शर्मनाक तरीके से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।'

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