ईरान समझौते की 60 दिन की समयसीमा खत्म, गतिरोध बरकरार

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने तथा परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की 60 दिनों की समयसीमा समाप्त हो गई। जून में हुए समझौते के बाद स्थिति बिगड़ गई है। ईरान ने ओमान के तट पर अमेरिकी सेना के देखरेख वाले मार्ग पर हमले शुरू कर दिए, जिसके जवाब में अमेरिका ने कार्रवाई की।

ईरान समझौते की 60 दिन की समयसीमा खत्म, गतिरोध बरकरार

- समझौते के कुछ ही सप्ताह बाद स्थिति बिगड़ गई येरुशलम, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने तथा परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते के लिए तय 60 दिन की समयसीमा सोमवार को खत्म हो गई। जून में वर्साय में हुए समझौते के बाद इस अवधि में स्थायी शांति समझौता होने की उम्मीद थी, लेकिन दोनों पक्ष अब पहले से भी अधिक दूर नजर आ रहे हैं।

जून में हुए समझौते का विवरण

जून में हुए समझौते को 'समझौता ज्ञापन (एमओयू)' कहा गया था। इसमें सैन्य कार्रवाई रोकने और 60 दिनों के भीतर युद्ध स्थायी रूप से समाप्त करने तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद को सुलझाने पर सहमति बनी थी। होर्मुज को दोबारा खोलना भी अंतरिम समझौते का हिस्सा था। हालांकि, समझौते के कुछ ही सप्ताह बाद स्थिति बिगड़ गई। ईरान ने ओमान के तट के पास उस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले पोतों पर हमला शुरू कर दिया, जिसे अमेरिकी सेना देखती है और जिसका उद्देश्य ईरान के नियंत्रण से बचते हुए पोतों को निकालना था। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन जैसे उन अरब देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य बल मौजूद हैं। इसके बाद अमेरिका ने समझौते के तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बेचने की मिली छूट रद्द कर दी और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी फिर लागू कर दी।

ईरान की शर्तें

ईरान ने इस महीने की शुरुआत में होर्मुज खोलने के लिए कई शर्तें रखीं। इनमें अमेरिकी नाकेबंदी हटाना, ईरान के आसपास से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले में हुए नुकसान के लिए मुआवजा देना शामिल है। ईरान का कहना है कि होर्मुज को खोलने के बाद भी उसका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण रहेगा और वह संभावित रूप से पोतों से शुल्क वसूल सकता है।

ट्रंप की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने ईरान की मांगों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि युद्ध का मुआवजा ईरान को देना चाहिए और दावा किया है कि अमेरिका होर्मुज पर नियंत्रण रखता है। उधर, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जून में अमेरिका के साथ सीधी बातचीत रोक दी थी। हालांकि, मध्यस्थों के जरिये संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। वहीं, ट्रंप का दावा है कि बातचीत जारी है और उन्होंने कई बार इसमें प्रगति का संकेत दिया है।

प्रश्न और उत्तर

✦समझौते के अनुसार युद्ध खत्म करने का समय कब तक था?−
समझौते के अनुसार युद्ध खत्म करने के लिए 60 दिन की समयसीमा थी जो सोमवार को खत्म हो गई।
Hindustan | Bureau

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