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29 जून, 2020|1:52|IST

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भारत में CAA से जुड़ी घटनाओं से अमेरिका परेशान, करना चाहता है मदद

india and america flag  photo  hindustan times

अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका, भारत के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और इससे जुड़ें घटनाक्रमों से चिंतित है और इससे निपटने में वह भारत की मदद करना चाहेगा। अधिकारी ने बुधवार (5 फरवरी) को कहा, “मैंने भारत में क्या चल रहा है, इसे लेकर वहां के अधिकारियों से मुलाकात की है और चिंता जताई है व इन मुद्दों में से कुछ पर काम के जरिए मदद करने की इच्छा जाहिर की है।”

उन्होंने कहा, “ज्यादातर जगहों पर हम जो शुरुआती कदम उठाते हैं, उसमें यह कहते हैं कि हम मुद्दे को लेकर आपकी क्या मदद कर सकते हैं जिसमें कोई धार्मिक उत्पीड़न ना हो। यह कहना कि क्या हम आपके साथ काम कर सकते हैं, यह सिर्फ पहला कदम है।”

भारत द्वारा इस मदद के प्रस्ताव पर विचार करने की संभावना नहीं है क्योंकि वह अपने आंतरिक मामलों में विदेशी दखल को स्वीकार नहीं करता। अधिकारी इंटरनेशनल रेलिजस फ्रीडम अलायंस (आईआरएफए) के बारे में संवाददाताओं को जानकारी दे रहे थे, जिसे अमेरिका गुरुवार (6 फरवरी) को लॉन्च कर रहा है।

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अधिकारी ने कहा कि यह अलायंस एक सहमति आधारित संस्था होगी और इसका मतलब है कि हर राष्ट्र इसके प्रत्येक विषयों में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं होगा और कोई मतदान भी नहीं होगा। एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा कि अमेरिका धार्मिक आधार पर शरणार्थियों को आश्रय देता है और उम्मीद है कि दूसरे देश भी धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले लोगों को शरण देंगे।

सीएए भी आधिकारिक रूप से इस्लामिक देशों पाकिस्तान व अफगानिस्तान व मुस्लिम बहुल बांग्लादेश के मुस्लिम शरणार्थियों को छोड़कर अन्य को शीघ्रता से नागरिकता देने के लिए उसी रास्ते का अनुसरण करता है, जबकि इसके साथ वह सामान्य नियमों के तहत किसी को भी नागरिकता के लिए आवेदन करने को प्रतिबंधित नहीं करता है।