अमेरिकी चुनाव: अगर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव हारे तो भी एक रिकॉर्ड बनाएंगे, जानें कैसे

Shankar Pandit हिन्दुस्तान टाइम्स, वाशिंगटन
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अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए वोटों की गिनती जारी है। अब तक के नतीजों में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन आगे चल रहे हैं और ट्रंप काफी पीछे हैं। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दूसरे...

अमेरिकी चुनाव: अगर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव हारे तो भी एक रिकॉर्ड बनाएंगे, जानें कैसे

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए वोटों की गिनती जारी है। अब तक के नतीजों में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन आगे चल रहे हैं और ट्रंप काफी पीछे हैं। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव जीतने में विफल रहते हैं, तो वे पिछले तीन दशक में पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे जो राष्ट्रपति रहते हुए अगला चुनाव हार गए हों।

दरअसल, साल 1992 में जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश अपना दूसरा कार्यकाल जीतने में विफल रहे थे क्योंकि डेमोक्रेट बिल क्लिंटन चुनाव जीत गए। बुश के बाद से, सभी तीन अमेरिकी राष्ट्रपतियों- बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश (जूनियर) और बराक ओबामा ने फिर से चुनाव जीता है। जबकि पिछले 100 वर्षों में, केवल चार राष्ट्रपति लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए लड़ा गया चुनाव हारे हैं।  

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जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश : 1992 के राष्ट्रपति चुनाव ने अमेरिका में 1968 से शुरू हुए रिपब्लिकन पार्टी के लंबी अवधि के शासन को शिकस्त दी थी। बुश की स्वीकार्यता रेटिंग 89% थी और उनके दोबारा जीते जाने को निश्चित माना गया था, लेकिन क्लिंटन ने 43 प्रतिशत लोकप्रिय वोट के साथ 370 इलेक्टोरल कॉलेज वोट भी जीत लिए थे।

जिमी कार्टर : डेमोक्रेट जिमी कार्टर 1980 के अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन रोनाल्ड रीगन से हार गए। रीगन के लिए यह एक शानदार जीत थी, क्योंकि उन्होंने लोकप्रिय वोट का 50.7 प्रतिशत जीते थे। 2016 में 70 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने से पहले तक तब 69 वर्षीय रीगन सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति थे। 

जेराल्ड फोर्ड : 1976 में, रिपब्लिकन जेराल्ड रुडोल्फ फोर्ड, डेमोक्रेट जिमी कार्टर से हार गए थे। जब ​​1974 में वाटरगेट घोटाले के बाद राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इस्तीफा दे दिया, तो उप राष्ट्रपति फोर्ड को राष्ट्रपति बनाया गया था। इस प्रकार वह इकलौते ऐसे राष्ट्रपति बने, जो इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा कभी नहीं चुने गए।

हर्बर्ट हूवर : रिपब्लिकन हर्बर्ट हूवर को 1932 में डेमोक्रेटिक फ्रेंकलिन डी रूजवेल्ट द्वारा हराया गया था। यह रूजवेल्ट के लिए एक शानदार जीत थी, क्योंकि चुनाव चुनाव महामंदी के दौर में हुआ था।

अभी क्या है नतीजों की स्थिति

चुनाव के दो दिन बाद भी अभी तक कोई उम्मीदवार जीत दर्ज करने के लिए आवश्यक मत हासिल नहीं कर पाया है। लेकिन निर्णायक माने जाने वाले राज्यों विस्कॉन्सिन और मिशिगन में जीत दर्ज कर बाइडेन 264 के आंकड़े पर पहुंच गये हैं। डोनाल्ड ट्रंप को 214 निर्वाचक मंडल मत मिले हैं। मौजूदा राष्ट्रपति की राह हालांकि काफी कठिन है क्योंकि ट्रंप को 270 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए चार शेष बचे 'बैटलग्राउंड' राज्यों पेन्सिलवेनिया, नॉर्थ कैरोलिना, जॉर्जिया और नेवादा में जीत हासिल करनी होगी। बैटलग्राउंड उन राज्यों को कहा जाता है, जहां रुझान स्पष्ट नहीं होता। स्पष्ट जीत के लिए 538 निर्वाचक मंडल सदस्यों में से विजेता बनने के लिए कम से कम 270 निर्वाचक मंडल मतों की आवश्यकता है।

 

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