अमेरिका और ईरान में हुआ समझौता
विकल्प हेडिंग 1. अमेरिका और ईरान में समझौते पर बनी सहमति - 107

वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिन तक जारी रहे युद्ध को खत्म करने और होर्मुज को फिर से खोलने पर सहमति बन गई। दोनों देशों के बीच समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे। वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी समझौते की पुष्टि की है। पाकिस्तान समझौते पर हस्ताक्षर के लिए स्विट्जरलैंड में आयोजित किए जाने वाले समारोह की मेजबानी करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम 'ट्रुथ सोशल' पर यह घोषणा की, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ। अधिकारियों ने बताया कि शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है। सभी को बधाई। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी समाप्त कर दी जाएगी। ट्रंप ने कहा कि मैं मुक्त आवाजाही के लिए तत्काल होर्मुज को पूरी तरह खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया के जहाजों, इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह होने दो। हालांकि, एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि होर्मुज शुक्रवार को समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के बाद ही खोला जाएगा। यह समझौता ऐसे दिन हुआ जब ट्रंप अपना 80वां जन्मदिन मना रहे थे। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी। उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि उनका देश शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित किए जाने वाले समारोह की मेजबानी करेगा। शाहबाज ने पाकिस्तान संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली को अमेरिका-ईरान टकराव को खत्म करने की पाकिस्तान की कोशिशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह दो देशों के बीच कोई समझौता नहीं है, बल्कि यह शांति और बातचीत की सफलता है, यह एक कूटनीतिक सफलता है।
ईरानी उप विदेश मंत्री की टिप्पणी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर इस समझौते पर सहमति की पुष्टि की, लेकिन कहा कि ईरान शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने से पहले इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह सहमति मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के एक प्रतिनिधि के साथ तेहरान में 14 घंटे से अधिक समय तक चली वार्ता के बाद बनी। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने एक बैनर प्रसारित किया, जिस पर लिखा था कि 'अमेरिका युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर हुआ'।
ट्रंप और मोदी की प्रतिक्रिया
::: कोट ::::
यह समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाएगा। मुझसे पहले कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन सभी विफल रहे। क्षेत्र के नेताओं को पहली बार ऐसा राष्ट्रपति मिला है, जो उन्हें वास्तविक शांति दिलाने में मदद कर सकता है।
- डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है। कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को अमल में लाने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नौवहन व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।
- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री


