यमन के लड़ाकों ने निर्देशित हथियार बनाने में एआई का इस्तेमाल किया
- अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने दावा किया पेरिस, एजेंसी। अमेरिकी एआई

- अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने दावा किया पेरिस, एजेंसी। अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने कहा कि यमन में एक समूह ने उसके 'क्लॉड चैटबॉट' का इस्तेमाल निर्देशित रॉकेट और मिसाइल विकसित करने की कोशिश की। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब ईरान समर्थित हूती विद्रोही यमन में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहे हैं।
यमन में समूह की पहचान
एंथ्रोपिक ने गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया कि उसने उत्तरी यमन में सक्रिय एक समूह की पहचान की, जो हथियारों के विकास से जुड़े तीन कार्यक्रम चला रहा था। कंपनी के अनुसार इनमें एक निर्देशित रॉकेट, 2,000 किलोमीटर से अधिक की लक्ष्य क्षमता वाली बहु-चरणीय बैलिस्टिक मिसाइल और हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन वाले एक संस्करण समेत कई तरह की मिसाइलें शामिल थीं। कंपनी ने कहा कि इस समूह ने हवा में उड़ने वाले हथियारों के मार्गदर्शन, नेविगेशन और नियंत्रण (जीएनसी) सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए क्लॉड का इस्तेमाल किया। ऐसा काम आमतौर पर इंजीनियरों की एक टीम की जरूरत वाला होता है। एंथ्रोपिक ने कहा कि उसके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि समूह किसी परिचालन हथियार को तैनात करने में सफल रहा। हालांकि, उसने एक निर्देशित रॉकेट का परीक्षण जरूर किया था। कंपनी के मुताबिक, यह परीक्षण संभवत: विफल रहा और कुछ ही घंटों के भीतर समूह ने क्लॉड का दोबारा इस्तेमाल कर यह पता लगाने की कोशिश की कि रॉकेट क्यों विफल हुआ।
अवैध गतिविधियों की गंभीरता
एंथ्रोपिक ने बताया कि अवैध गतिविधि का पता चलते ही उसने संबंधित खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। कंपनी ने संबंधित समूह की पहचान नहीं बताई, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके हूती विद्रोहियों से जुड़े होने की संभावना है, क्योंकि विद्रोहियों का उत्तरी यमन के बड़े हिस्से और राजधानी सना पर नियंत्रण है। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब ईरान समर्थित हूती विद्रोही देशभर में रणनीतिक बाब अल-मंदेब की ओर बढ़ रहे हैं। यह यूरोप और एशिया के बीच महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।


