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6 जुलाई, 2020|7:37|IST

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कश्मीर मामले में कोई तीसरा मध्यस्थ संभव नहीं : संयुक्त राष्ट्र

united nations head antonio gutares

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है, 1972 के शिमला समझौते के तहत इसमें कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर सकता। गुतारेस का यह बयान पाकिस्तान द्वारा उनसे कश्मीर मामले पर उचित भूमिका निभाने की अपील के जवाब के रूप में आया है। गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महासचिव जम्मू कश्मीर में स्थिति पर गंभीरता से नजर रख रहे हैं और उन्होंने इस पर अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।

महासचिव ने शिमला समझौते को भी याद दिलाया जिसमें कहा गया है कि जम्मू कश्मीर की अंतिम स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से निर्णय लिया जाएगा।  महासचिव ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की कोई पेशकश नहीं दी। इसके बजाय उन्होंने शिमला समझौते का हवाला दिया।  यह पूछे जाने पर कि क्या महासचिव की योजना कश्मीर मुद्दे को सुरक्षा परिषद में उठाने की है? दुजारिक ने ऐसी कोई जानकारी होने से इनकार किया। साथ ही बताया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री से मिले पत्र को उनके अनुरोध पर सुरक्षा परिषद के पास भेज दिया गया है। यह पूछने पर कि क्या महासचिव को लगता है कि कश्मीर में स्थिति पर किसी विशेष दूत के जरिए करीबी नजर रखने की जरूरत है? दुजारिक ने कहा, ‘महासचिव स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।

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  • Web Title:UN says No third party can mediate the Kashmir issue