संघर्ष और जलवायु संकट के कारण 10 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर: रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। पिछले 18 महीनों में संकट से प्रभावित बच्चों की संख्या 2.1 करोड़ बढ़कर 25.8 करोड़ हो गई है। 60 प्रतिशत बच्चे केवल 9 देशों में निवास करते हैं, जिनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और नाइजीरिया शामिल हैं। भारत में भी 2 लाख बच्चे स्कूल से बाहर हैं।

यूएन की रिपोर्ट, 25 करोड़ से अधिक बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई संकट से प्रभावित बच्चों की संख्या बीते 18 महीनों में 2.1 करोड़ पहुंची
करीब 10 करोड़ बच्चे स्कूल जा ही नहीं पा रहे
60 फीसदी बच्चे सिर्फ 9 देशों में
संयुक्त राष्ट्र(अमेरिका) एजेंसी। संघर्ष और जलवायु से जुड़ी मुश्किलों के कारण दुनियाभर में करीब 10 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा जिन बच्चों और किशोरों की पढ़ाई बाधित हुई है, उनकी संख्या 25 करोड़ से अधिक हो गई है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है।
संकटग्रस्त इलाकों में शिक्षा के लिए
संयुक्त राष्ट्र के फंड, 'एजुकेशन कैनॉट वेट' की स्टडी के अनुसार, संकट से प्रभावित बच्चों की संख्या सिर्फ 18 महीनों में 2.1 करोड़ बढ़ गई है और दुनिया भर में यह संख्या अनुमानित 25.8 करोड़ तक पहुंच गई है।
सिर्फ नौ देशों में 60 फीसदी बच्चे
रिपोर्ट स्कूल जाने की उम्र वाले उन बच्चों और किशोरों पर केंद्रित है जिनकी पढ़ाई संघर्ष, विस्थापन, जलवायु संकट और लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक-आर्थिक संकटों के कारण बाधित हुई।
रिपोर्ट के अनुसार 9.3 करोड़ बच्चे पूरी तरह से स्कूल से बाहर थे। कुल प्रभावित 25.8 करोड़ बच्चों में से लगभग 60 प्रतिशत बच्चे सिर्फ नौ देशों में रहते थे। इनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, इथियोपिया, म्यांमार, नाइजीरिया, पाकिस्तान, सूडान और यमन शामिल हैं।
संघर्ष और हिंसा मुख्य वजह
रिपोर्ट में पाया गया कि संघर्ष और हिंसा बच्चों के स्कूल छोड़ने की मुख्य वजहें हैं।
'एजुकेशन कैनॉट वेट' की डायरेक्टर मैसा जलबाउट ने कहा, संघर्ष और जलवायु परिवर्तन शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी मुश्किल से हासिल की गई कामयाबियों को पीछे धकेल रहे हैं। ये नतीजे हमें दिखाते हैं कि कहां सबसे अधिक जरूरत है। अब संकट से प्रभावित बच्चों के भविष्य में निवेश करने का समय है।
भारत में 2 लाख बच्चे स्कूल से बाहर
रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राकृतिक आपदा सहित अन्य कारणों से भारत में 2 लाख बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा 7.43लाख बच्चे अलग-अलग आपदाओं की वजह से प्रभावित हैं। इनकी पढ़ाई बाधित है। इनमें लड़कियों की संख्या 48.4 फीसदी है। यहां बच्चों के स्कूल न जा पाने की मुख्य वजह प्राकृतिक आपदा है। भीषण गर्मी, बाढ़ और चरम मौसम की वजह से बच्चे स्कूल से बाहर हैं।
रिपोर्ट की मुख्य बातें
-25.8 करोड़ बच्चों की पढ़ाई पूरी दुनिया में संघर्ष और जलवायु संकट की वजह से प्रभावित(इनमें 49 फीसदी लड़कियां)
-9.3 करोड़ बच्चे स्कूल जा ही नहीं पा रहे(50.9 फीसदी लड़कियां)
-संकट से प्रभावित 36% बच्चे स्कूल से बाहर हैं।
-गंभीर संकट वाले इलाकों में 45 फीसदी दिव्यांग बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे
-अपने ही देश में विस्थापित होने की वदह से 52% बच्चे स्कूलों से बाहर
-शरणार्थी बच्चों में से 74% बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे
इन देशों में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित
देश कितने बच्चे प्रभावित
नाइजीरिया 3.8 करोड़
कांगो 2.53 करोड़
सूडान 1.84 करोड़
अफगानिस्तान 1.43 करोड़
यमन 1.3 करोड़
बांग्लादेश 1.27 करोड़
इथियोपिया 1.22 करोड़
म्यांमार 1.06 करोड़
पाकिस्तान 1.01 करोड़
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भारत 7.43 लाख
सामान्य प्रश्न
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