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यूक्रेन युद्ध से नाइजीरिया में हथियारों की तस्करी, भारत के लिए इसलिए चिंता की बात

रूस और यूक्रेन की जंग से हथियार अफ्रीकी देशों को तस्करी किए जा रहे हैं। इस बात को लकर काफी पहले से आशंका जताई जा रही थी। अब नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदू बुहारी के बयान ने इस पर मुहर लगा दी है।

यूक्रेन युद्ध से नाइजीरिया में हथियारों की तस्करी, भारत के लिए इसलिए चिंता की बात
Deepakलाइव हिंदुस्तान,अबुजाSat, 03 Dec 2022 10:16 PM

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रूस और यूक्रेन की जंग से हथियार अफ्रीकी देशों को तस्करी किए जा रहे हैं। इस बात को लकर काफी पहले से आशंका जताई जा रही थी। अब नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मद बुहारी के बयान ने इस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते आतंक के गढ़ लेक चाड क्षेत्र में हथियारों और लड़ाकों की संख्या में इजाफा हुआ है। नाइजीरियाई राष्ट्रपति की स्वीकारोक्ति ने भारत के लिए भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।

बोको हरम से इस्लामिक स्टेट के ताल्लुकात
नाइजीरियन राष्ट्रपति ने यह बात अबूजा में लेक चाड बेसिन कमीशन की समिट के दौरान कही। हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी आतंकी गुट का नाम नहीं लिया, जो यूक्रेन से इन हथियारों की तस्करी कर रहा है। गौरतलब है कि ऐतिहासिक रूप से यूक्रेन उप-सहारा अफ्रीकी देशों में एक प्रमुख हथियार सप्लायर रहा है। चाड और निगार में सक्रिय सुन्नी आतंकी समूह बोको हरम खुद को इस्लामिक स्टेट समूह जैसा जाहिर करता है। बोको हरम समहू के इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह से ताल्लुकात किसी से छुपे नहीं हैं।

भारत में भी है इस्लामिक स्टेट का दखल
भारत के लिए यह खबर चिंता की बात इसलिए है क्योंकि यहां भी इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है। इन राज्यों में कश्मीर का भी नाम है। वहीं, पूर्व में केरल से कुछ भारतीय भी अफगानिस्तान और इराक में पवित्र युद्ध लड़ने के लिए जा चुके हैं। शुरुआती दौर में इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासन ही था। बाद में आईएस ने भारत और पाकिस्तान के लिए दो अन्य शाखाएं विलाएत-ए-हिंद और विलायत पाकिस्तान के रूप में घोषित कर दी थीं।