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तुर्की की संसद में कोका कोला और नेस्ले के प्रोडक्ट्स पर रोक, इजरायल-हमास युद्ध से कनेक्शन

संसद अध्यक्ष की ओर से यह निर्णय लिया गया था मगर कंपनियों की पहचान उजागर नहीं की गई। हालांकि, संसदीय सूत्र ने बताया कि कोका-कोला पेय पदार्थ और नेस्ले इंस्टेंट कॉफी मेनू से हटाए गए हैं।

तुर्की की संसद में कोका कोला और नेस्ले के प्रोडक्ट्स पर रोक, इजरायल-हमास युद्ध से कनेक्शन
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,अंकाराWed, 08 Nov 2023 12:12 AM
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इजरायल-हमास युद्ध के बीच इजरायली सेना का समर्थन करने को लेकर तुर्की ने कोका कोला और नेस्ले के खिलाफ बड़ा ऐक्शन लिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि तुर्की की संसद ने इन दोनों कंपनियों के प्रोडक्ट्स को अपने रेस्तरां से हटा दिया है। इसे लेकर जारी बयान में कहा गया, 'यह फैसला लिया गया है कि इजरायल का समर्थन करने वाली कंपनियों के सामान संसद परिसर में रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया और टी हाउस में नहीं बेचे जाएंगे।' संसद अध्यक्ष नुमान कर्टुलमस की ओर से यह निर्णय लिया गया था मगर कंपनियों की पहचान उजागर नहीं की गई थी। हालांकि, संसदीय सूत्र ने बताया कि कोका-कोला पेय पदार्थ और नेस्ले इंस्टेंट कॉफी मेनू से हटाए गए हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि यह फैसला जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया हुआ है। सूत्र ने रॉयटर्स को बताया, 'संसद अध्यक्ष का रवैया जनता के आक्रोश के प्रति उदासीन नहीं रहा है। उन्होंने संसद में कैफे और रेस्टोरेंट के मेनू से इन कंपनियों के प्रोडक्ट को हटाने का फैसला लिया।' हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तुर्की के कार्यकर्ताओं की ओर से इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया गया है। इजरायली वस्तुओं और पश्चिमी कंपनियों के बहिष्कार की अपील की गई है। साथ ही इन दोनों कंपनियों का नाम भी लिया गया है, जिन्हें वे इजरायल के समर्थक के तौर पर देखते हैं।

फिलिस्तीनियों के तुर्की आने पर हुआ समझौता?
गौरतलब है कि तुर्की की सरकार ने गाजा में इजरायल के हमलों की निंदा की है। साथ ही येरूशलम के लिए पश्चिमी समर्थन पर भी उसने सवाल उठाए हैं। इस बीच, देश में 10 लाख फिलिस्तीनियों को शरण देने करने पर राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच समझौते की रिपोर्टों का खंडन किया गया है। तुर्की में कई विपक्षी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एर्दोगन पैसे के बदले में 10 लाख फिलिस्तीनी शरणार्थियों को तुर्की में स्वीकार करने के लिए सहमत हुए। दुष्प्रचार से निपटने के लिए प्रशासन के केंद्र ने एक बयान में कहा, 'नेतन्याहू के बयान का हवाला देते हुए कुछ सोशल मीडिया पर साझा की गई रिपोर्ट में कहा गया कि हम सहमत हैं कि 10 लाख फिलिस्तीनी तुर्की के नागरिक बन जाएंगे और बदले में 2 अरब डॉलर तुर्की को मिलेंगे। यह सच नहीं है।'

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