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बदल गए ट्रंप के सुर, अब भारतीयों के लिए नहीं रोकेंगे अपने देश की नागरिकता; क्यों लिया ऐसा फैसला

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में विदेशी स्नातकों को ग्रीन कार्ड देने का वादा किया है।

बदल गए ट्रंप के सुर, अब भारतीयों के लिए नहीं रोकेंगे अपने देश की नागरिकता; क्यों लिया ऐसा फैसला
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 21 Jun 2024 03:59 PM
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में विदेशी स्नातकों को ग्रीन कार्ड देने का वादा किया है। ट्रंप का यह कदम नवंबर में होने वाले आम चुनाव से पहले प्रवासन पर उनके रुख में नरमी के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले ट्रंप विदेशियों के अमेरिका में प्रवास के नियम को कड़ा बना चुके थे। 

ट्रंप ने गुरुवार को प्रकाशित एक पॉडकास्ट के माध्यम से अपनी मंशा जाहिर की। वहीं राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की है कि अमेरिकी नागरिकों से शादी करने वाले अप्रवासियों को नागरिकता दी जाएगी। ट्रंप का यह वादा बाइडन द्वारा पांच लाख अमेरिकी नागरिकों के जीवनसाथियों के लिए वीजा नियमों को आसान बनाने के बाद आया है। उल्लेखनीय है कि ग्रीन कार्ड अमेरिकी नागरिकता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एक पहचान दस्तावेज है जो दर्शाता है कि व्यक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से निवास करता है।

आव्रजन पर अपने रुख को नरम करते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कॉलेजों से स्नातक करने वाले विदेशी छात्रों को ग्रीन कार्ड देने का वादा किया है, ताकि उन्हें भारत और चीन जैसे अपने देशों में लौटना न पड़े। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल की नीति को दोहराया, जिसमें विदेशी छात्रों को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थान से डिग्री प्राप्त करने के बाद ग्रीन कार्ड दिया जाना शामिल था। ट्रंप ने कहा, "कोई भी व्यक्ति कॉलेज से स्नातक होता है, आप वहां दो साल या चार साल के लिए जाते हैं, यदि आप स्नातक होते हैं या आपको कॉलेज से डॉक्टरेट की डिग्री मिलती है, तो आपको इस देश में रहने में सक्षम होना चाहिए।"

इससे पहले ट्रंप ने मिशिगन में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों से नवंबर में होने वाले चुनाव में ऐसे राष्ट्रपति के लिए वोट देने का आह्वान किया जो कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों को देश से बाहर निकाल देगा। उल्लेखनीय है कि ट्रंप हमेशा से राष्ट्रपति जो बाइडन पर इल्जाम लगाते रहे हैं कि वह इस्लामी कट्टरपंथियों के हितैशी हैं।

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा, "नवंबर में प्रत्येक मतदाता के लिए विकल्प स्पष्ट है, आपके पास एक ऐसा राष्ट्रपति हो सकता है जो हजारों कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों को हमारे देश में घुसने देता है, या आप एक ऐसा राष्ट्रपति चुन सकते हैं जो कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों को हमारे देश से बाहर निकाल देता है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "मेरे नए प्रशासन के पहले दिन हम अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा निर्वासन अभियान शुरू करेंगे। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।"