गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण पर हुआ समझौता: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास के निशस्त्रीकरण और गाजा से इजरायली सेना की वापसी के लिए एक समझौते की घोषणा की है। यह समझौता 14 दिनों के भीतर लागू होगा और इसमें नए फलस्तीनी पुलिस बल के गठन के साथ गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शामिल है।

- सभी पक्षों की औपचारिक मंजूरी मिलने के 14 दिनों के भीतर यह चरणबद्ध तरीके से लागू होगा वॉशिंगटन/काहिरा/येरुशलम, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हमास के निशस्त्रीकरण और गाजा पट्टी से इजरायली सेना की वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है। हमास ने भी समझौते की पुष्टि की है।
समझौते की घोषणा
व्हाइट हाउस की ओर से यह घोषणा अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर के लगभग नौ महीने बाद की गई है। समझौते के दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर इजरायल और हमास के बीच बातचीत लंबे समय से लगभग ठप पड़ी हुई थी। इस चरण में हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शामिल है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस समझौते को अत्यंत सावधानी के साथ चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जैसे ही निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, इजरायली सेना गाजा से पीछे हट जाएगी। इसके बाद 'इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स', फलस्तीनी नए पुलिस बल के साथ मिलकर गाजा को वहां के निवासियों और पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी संभालेगी। गुरुवार को जारी मसौदा योजना के अनुसार, सभी पक्षों की औपचारिक मंजूरी मिलने के 14 दिनों के भीतर समझौते को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, हमास के क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार संगठन ने एक रोडमैप पर सहमति जताई है। हालांकि, इसके लिए इजरायल को भी कुछ रियायतें देनी होंगी, जिनमें सैन्य कार्रवाई रोकना और गाजा से अपनी सेना वापस बुलाना शामिल है।
इजरायल की मंजूरी के बाद ही लागू होगा
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि गाजा में शांति के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित समझौते को लागू करने से पहले इजरायल को पिछले साल हुए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करनी होंगी।
'बोर्ड ऑफ पीस' की अहम भूमिका
'बोर्ड ऑफ पीस' के माध्यम से सामने आए इस समझौते को राष्ट्रपति ट्रंप ने स्थायी शांति की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम करार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रूथ सोशल' पर पोस्ट किया कि हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निशस्त्रीकरण के लिए बोर्ड ऑफ पीस ने ऐतिहासिक समझौता कर लिया है। इस समझौते से गाजा का नियंत्रण एक नई फलस्तीनी सरकार के पास होगा, जो बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर जनता की सेवा करेगी। इसके साथ ही इजरायल को वह सुरक्षा मिलेगी, जिसकी वह हकदार है और गाजा का इस्तेमाल दोबारा कभी आतंकी हमलों के लिए नहीं होगा।
समझौते में क्या है?
1. ट्रंप की 20 सूत्री योजना के तहत ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में एक नई तकनीकी फलस्तीनी सरकार का गठन किया जाएगा, जो गाजा के पुनरुद्धार की कमान संभालेगी।
2. निशस्त्रीकरण पूरा होने के बाद इजरायली सेना पूरी तरह हट जायेगी और सुरक्षा व्यवस्था की कमान नई 'अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सेना' संभालेगी, जो फलस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी।
3. निशस्त्रीकरण की यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। गाजा पुलिस बल अगले दो हफ्तों के भीतर अपने हथियार 'बोर्ड ऑफ पीस' समर्थित नई तकनीकी सरकार को सौंप देगा।
4. इस पुलिस बल में हालांकि हमास के लड़ाके और भारी हथियार शामिल नहीं हैं। सुरंगों के विशाल नेटवर्क को नष्ट करने की प्रक्रिया में लगभग 200 से 350 दिनों का समय लग सकता है।
इजरायली मंत्री ने समझौते को बताया अस्वीकार्य
इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने शुक्रवार को हमास के निरस्त्रीकरण से जुड़े समझौते को अस्वीकार्य करार दिया। समझौते में हमास के हथियार सौंपने और गाजा से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि गाजा में हमास के खिलाफ हत्याओं और सैन्य कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। साथ ही उन्होंने फलस्तीनियों के पलायन को बढ़ावा देने और इजरायल की जीत सुनिश्चित करने की वकालत की।
काजा कालास ने जताया समर्थन
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने शुक्रवार को गाजा में शांति के लिए प्रस्तावित समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इसे पूरी तरह लागू किया जाता है तो यह शांति की दिशा में रचनात्मक कदम साबित होगा। कालास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि समझौते को सफल बनाने के लिए कई चीजों का सही दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। इसकी सफलता सभी पक्षों की पूरी प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि हमास द्वारा समझौते का पालन किए जाने की पुष्टि करना बड़ी चुनौती होगी।
युद्ध में अब तक 73 हजार मारे जा चुके हैं
अक्तूबर, 2023 में शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 73 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और वर्तमान में इजरायली सेना गाजा के आधे से अधिक हिस्से पर काबिज है, जहां लाखों फलस्तीनी बदहाल राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
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