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खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर के लिए कनाडा की संसद में मौन पर भारत का 'कनिष्क' वाला जवाब

कनाडा की संसद में खालिस्तानी निज्जर को मौन श्रद्धांजलि दी गई, इसके जवाब में भारतीय दूतावास ने खालिस्तानी हमले में मारे गए 329 लोगों की 39वी बरसी पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने का फैसला किया है।

खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर के लिए कनाडा की संसद में मौन पर भारत का 'कनिष्क' वाला जवाब
Upendraलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 03:26 PM
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कनाडा की संसद में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की याद में कुछ मिनट का मौन रखा गया। इसका साफ जवाब देते हुए बैंकुवर में स्थित भारतीय दूतावास ने खालिस्तानी हमले में क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान कनिष्क की 39वीं बरसी के मौके पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने का फैसला लिया है। 1985 में हुए इस हमले में 329 लोग मारे गए थे।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत हमेशा से आतंकवाद और उन सभी देशों के खिलाफ खड़ा है जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं और दुनिया की शांति को खतरा पैदा करते हैं। एयर इंडिया के विमान कनिष्क पर किया गया हमला विमानन इतिहास का सबसे कायरता पूर्ण हमला था। इस हमले में 329 मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जिसमें 86 बच्चे भी शामिल थे। 23 जून 2024 को इस हमले की 39वीं बरसी पर उन सभी की याद में हम एक समारोह का आयोजन करने जा रहे हैं, हम सभी भारतीय-कनाडाई लोगों से आग्रह करेंगे कि वे आएं और आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में एकजुट हों।

क्या था कनिष्क विमान हमला

एयर इंडिया का विमान कनिष्क 23 जून 1985 को मोन्ट्रियल से लंदन जाते समय बम धमाकों की वजह से क्रैश हो गया था, खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 329 लोग मारे गए थे जिसमें 268 कनाडाई, 27 ब्रिटिश और 24 भारतीय नागरिक मारे गए थे। यह विमानन इतिहास के सबसे घातक हमलों में से एक था।

भारतीय उच्चायोग का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब कनाडाई संसद में निज्जर की याद में मौन का आयोजन किया गया, जिसकी हत्या ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारा के बाहर कर दी गई थी। कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने इसका आरोप  भारत पर लगाया था। भारत ने इन आरोपो को बेबुनियाद और झूठा बताया था। इसके बाद दोनों देशों के संबंध भी खराब हो गए। निज्जर की हत्या का मामला कनाडा की रॉयल पुलिस ने संभाला था और इस मामले में 4 भारतीय मूल के लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

न्यूज एजेंसी  IANS द्वारा जारी एक वीडियो में कनाडा की पार्लियामेंट में सांसदों द्वारा खालिस्तानी निज्जर को मौन श्रद्धांजलि दी जा रही थी। स्पीकर ग्रेग फेरगुस ने अपनी जगह से खड़े होकर कहा कि सभी सदस्यों की बातचीत के बाद और सभी पार्टियों की सहमति के बाद मुझे लगता है कि इस बात पर सहमति है कि हरदीप सिंह निज्जर के लिए मौन रखा जाए, जिनकी पिछली साल ब्रिटिश कोलंबिया में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
हाल ही में पीएम मोदी और और कनाडाई पीएम ट्रूडो की जी-7 में मुलाकात हुई थी। कनाडा के भारत पर आरोप लगाने के बाद यह पहली मुलाकात थी।