तालिबान राज में 'मजबूर' हैं महिला पत्रकार, चेहरा ढक कर ही पेश कर सकी खबरें

Taliban News: 1996 से लेकर 2001 यानि तालिबान के पहले शासन में महिलाओं पर कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे। तालिबान ने बीते साल अगस्त में काबुल पर कब्जा कर अफगानिस्तान में दोबारा सत्ता हासिल की थी।

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Nisarg Dixit लाइव हिंदुस्तान , काबुल
Last Modified: Mon, 23 May 2022 10:18 AM

तालिबान के नए फरमान का असर हुआ और न्यूज चैनल पर महिला एंकर्स ढका हुआ चेहरे के साथ नजर आई। हालांकि, अफगानिस्तान में कई महिला पत्रकारों ने इस आदेश का विरोध किया, लेकिन बढ़ते दबाव के चलते उन्हें बात माननी पड़ी। हाल ही में तालिबान ने आदेश जारी किए हैं, जिनमें महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाकर कई प्रतिबंध शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को महिला एंकर्स ने हिजाब और नकाब के साथ न्यूज बुलेटिन पेश किए। इनमें टोलो न्यूज, आरियाना टेलीविजन, शमशाद टीवी और 1टीवी जैसे कई बड़े चैनल का नाम शामिल है। इस महीने अफगानिस्तान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने सार्वजनिक जगहों पर चेहरा कवर करने का फरमान जारी किया था।

टोलो न्यूज में प्रेजेंटर सोनिया नियाजी ने एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्होंने मास्क पहनने के फरमान का विरोध किया था। उन्होंने कहा, 'लेकिन टोलो न्यूज पर दबाव था और कहा गया था कि जो फीमेल प्रेजेंटर्स बगैर चेहरा ढंके स्क्रीन पर आएंगी उन्हें कोई अन्य काम दिया जाएगा या हटा दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'टोलो न्यूज मजबूर था और हमें यह पहनना पड़ा।'

खास बात है कि इसे पहले अफगानिस्तान में महिला पत्रकारों को स्कार्फ पहनकर ही खबरें पेश करने की अनुमति थी। इधर, महिला पत्रकारों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पुरुषों ने भी टोलो न्यूज में दफ्तर में मास्क पहना।

मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद आकिप सदिक मोहाजिर ने कहा कि अधिकारी इस बात से खुश है कि मीडिया संस्थानों ने ड्रेस कोड का पालन किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान चैनल में महिला पत्रकारों के काम करने के खिलाफ नहीं है।

1996 से लेकर 2001 यानि तालिबान के पहले शासन में महिलाओं पर कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे। तालिबान ने बीते साल अगस्त में काबुल पर कब्जा कर अफगानिस्तान में दोबारा सत्ता हासिल की थी।

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