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तालिबान ने फिर दिखाई क्रूरता, 14 महिलाओं समेत 63 पर सरेआम बरसाए कोड़े; भड़का संयुक्त राष्ट्र

तालिबान ने अफगानिस्तान में क्रूरता दिखाई है। मामूली अपराधों के लिए 14 महिलाओं समेत 63 को सरेआम कोड़े मारे गए। तालिबान की इस हरकत पर संयुक्त राष्ट्र भड़का हुआ है।

तालिबान ने फिर दिखाई क्रूरता, 14 महिलाओं समेत 63 पर सरेआम बरसाए कोड़े; भड़का संयुक्त राष्ट्र
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Gaurav Kalaएपी,काबुलThu, 06 Jun 2024 11:57 AM
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अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत की क्रूरता फिर सामने आई है। तालिबान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 14 महिलाओं समेत 63 लोगों पर सरेआम कोड़े बरसाए। इन लोगों पर अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न, चोरी और अनैतिक संबंधों जैसे कई अपराधिक मामले हैं। तालिबान के इस कदम पर संयुक्त राष्ट्र भड़का हुआ है। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इस खौफनाक सजा की निंदा की है।

यूएनएएमए ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक बयान में कहा कि अफगानिस्तान के अधिकारियों ने मंगलवार को कम से कम 63 लोगों को कोड़े मारे। जानकारी के अनुसार, सारी पुल प्रांत में तालिबान द्वारा एक दर्जन से अधिक महिलाओं सहित 60 से अधिक लोगों को कोड़े मारे गए। तालिबान के इस कदम की संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करने के लिए कहा है।

मामला क्या है
तालिबान के सुप्रीम कोर्ट ने 14 महिलाओं समेत 63 लोगों को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे जाने का आदेश दिया था। इन लोगों पर अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न, चोरी और अनैतिक संबंधों जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। उन्हें एक खेल स्टेडियम में कोड़े मारे गए। अफगानिस्तान सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, व्याभिचार और घर से भागने का प्रयास करने के दोषी एक पुरुष और एक महिला को सरेआम कोड़े मारे गए।

2021 में अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान दुनिया के सामने चीखता रहा है कि उसने देश में लोकतांत्रिक सरकार देने की कोशिश की। हालांकि तमाम दावों से उलट तालिबान की सरकार की क्रूरता लगातार सामने आती रही है। महिलाओं के खिलाफ कठोर कानून, गाना गाने औऱ सुनने पर पाबंदी, महिलाओं की शिक्षा पर पाबंदी, बुर्का और पुरुषों के लिए दाढ़ी अनिवार्य जैसे कई कानून हैं। मामूली अपराधों के लिए भी फांसी, कोड़े मारना और पत्थर मारने जैसे दंड हैं। तालिबान के 1990 के दशक के शासन में भी यही होता था।