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सर्वेक्षण: पाकिस्तान में त्रिशंकु संसद के आसार, पीएमएल-एन और पीटीआई में कांटे की टक्कर

Pakistan eletion

पाकिस्तान के आम चुनाव के बारे में किए गए एक नए सर्वेक्षण के नतीजों के मुताबिक इस बार यहां त्रिशंकु संसद बनने की संभावना है। पीएमएल-एन और पीटीआई के बीच कांटे की टक्कर है, लेकिन किसी को स्पष्ट जीत मिलती नजर नहीं आ रही।  

अमेरिकी कंपनी ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स के साथ मिलकर किए गए इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन रिसर्च (आईपीओआर) के सर्वेक्षण के अनुसार, पाकिस्तान की अधिकांश आबादी का मानना है कि देश गलत दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में वोट देने का इरादा जताने वालों की संख्या 2013 में 76 फीसदी के मुकाबले 2018 में बढ़कर 82 फीसदी हो गई है।

सर्वेक्षण के अनुसार, 32 फीसदी लोगों ने नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को वोट देने का इरादा जताया, जबकि 29 फीसदी ने इमरान खान की पीटीआई को और 13 फीसदी ने बिलावल भुट्टो जरदारी की पीपीपी को वोट देने की बात कही। यह सर्वेक्षण 13 जून से 4 जुलाई के बीच पूरे पाकिस्तान से 3,735 प्रतिभागियों के बीच किया गया था। इसमें लगभग 72 फीसदी प्रतिभागियों ने जवाब दिया।

इसके अनुसार, मतदाताओं के बीच सर्वसम्मति है कि जिस पार्टी को न्यूनतम 35 फीसदी वोट मिलेगा वह देशव्यापी चुनावों में अग्रणी होगी। हालांकि अभी कोई पार्टी ऐसी नजर नहीं आ रही। हालांकि, पीटीआई की लोकप्रियता का ग्राफ नवंबर 2017 में 27 फीसदी के मुकाबले जुलाई 2018 में 29 फीसदी हो गया है। जबकि इसी अवधि में पीएमएल-एन की लोकप्रियता 37 फीसदी से घटकर 32 फीसदी हो गई है। पीपीपी की स्थिति में अंतर नहीं आया है और उसकी लोकप्रियता का आंकड़ा 13 फीसदी पर बरकरार है।

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शहबाज सबसे लोकप्रिय नेता
सर्वेक्षण के मुताबिक, देश के छह प्रमुख सियासी नेताओं में पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ सबसे लोकप्रिय साबित हुए। जबकि इमरान खान दूसरे स्थान पर रहे। इनके बाद क्रमश: नवाज शरीफ, शाहिद खकान अब्बासी, मरियम नवाज और बिलावल भुट्टो जरदारी का स्थान रहा। प्रधानमंत्री पद के लिए 62 फीसदी लोगों ने शहबाज शरीफ को पहली पसंद बताया। जबकि 53 फीसदी ने इमरान खान को, 47 फीसदी ने नवाज शरीफ को, 41 फीसदी ने शाहिद खकान अब्बासी को, 40 फीसदी ने मरियम नवाज को और 38 फीसदी ने बिलावल भुट्टो जरदारी को पसंद किया। इसमें कहा गया कि विकास कार्य और बेहतर प्रदर्शन शाहबाज की लोकप्रियता के प्रमुख कारण हैं, जबकि इमरान ने परिवर्तन और ईमानदारी के अपने नारे के जरिये जनता के बीच पैठ बनाई है। 

फोटो साभारः गूगल

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