
पंजशीर में लड़ाई से परेशान हुए पूर्व अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई, कहा- बातचीत से हल निकालिए
तालिबान ने काबुल सहित पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है सिवाय पंजशीर घाटी के। अहमद मसूद के साथ वार्ता विफल होने के बाद पंजशीर में तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस के बीच लड़ाई जारी है। अफगानिस्तान के...
तालिबान ने काबुल सहित पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है सिवाय पंजशीर घाटी के। अहमद मसूद के साथ वार्ता विफल होने के बाद पंजशीर में तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस के बीच लड़ाई जारी है। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने दोनों पक्षों से युद्ध रोकने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस के बीच लड़ाई के नतीजे देश के हित में नहीं है। इस लड़ाई से अफगानिस्तान के लोगों का नुकसान है। मुझे उम्मीद है कि दोनों पक्ष बातचीत करके मसलों को सुलझा सकते हैं।
पंजशीर घाटी में क्या चल रहा है?
लड़ाई। तालिबान का दावा है कि उसने घाटी को घेर लिया है और नॉर्दर्न एलायंस का कहना है कि उन्होंने तालिबान के 350 लड़ाकों को मार गिराया है और 290 से अधिक लड़ाकों को घायल कर दिया है। वहीं तालिबान का कहना है कि उसने पंजशीर के 34 लड़ाकों को मार डाला है और 11 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजशीर घाटी में दोनों पक्षों के बीच में हिंसक झड़प जारी है।
तालिबान और पंजशीर के बीच वार्ता क्यों विफल रही?
पंजशीर के शेर कहे जाने वाले अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद ने पहले कहा था कि वह बातचीत में यकीन करते हैं और वह तालिबान से बातचीत को लेकर तैयार हैं लेकिन पंजशीर के लड़ाके तालिबान के सामने सरेंडर नहीं करेंगे। वहीं तालिनान नेताओं ने माफी देने के बदले सरेंडर करने की मांग की। दोनों पक्षों के बीच बातचीत विफल रहने का सबसे प्रमुख कारण इसी को बताया जा रहा है।

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