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'हम पर आरोप न लगाएं', पाकिस्तान ने बताया काबुल में क्यों आ गया है तालिबान का राज

हिन्दुस्तान टाइम्स,वॉशिंगटनPublished By: Priyanka
Wed, 01 Sep 2021 09:58 AM
'हम पर आरोप न लगाएं', पाकिस्तान ने बताया काबुल में क्यों आ गया है तालिबान का राज

अमेरिका लगातार यह दावा कर रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबानी राज आने के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। अमेरिकी सांसद माइकल जी वॉल्ट्ज ने तालिबान को कथित समर्थन देने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन को चिट्ठी लिख पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने तक की मांग की है। हालांकि, अब पाकिस्तान ने इसको लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है और अमेरिका से कहा है कि वह उसपर इलजाम लगाने बंद कर दे। 

अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत असद मजीद ने बाइडेन को चिट्ठी लिखने वाले सांसद की आलोचना की है और कहा है कि अगर पाकिस्तान की सैन्य रणनीति के कारण इतने सालों से अमेरिकी प्रशिक्षण पाने वाली अफगानी सेना हारी तो फिर अमेरिका का यह कहना कि अफगान सेना ने अपनी हिम्मत खो दी, सही नहीं लगता। 

उन्होंने यह भी लिखा कि अफगानिस्तान का पतन अचानक जरूर हुआ लेकिन यह बिल्कुल भी आश्चर्य की बात नहीं थी क्योंकि अफगानिस्तान की सरकार सालों से लगातार अपने क्षेत्र तालिबान के हाथों खोती जा रही थी। उन्होंने यह भी लिखा कि हतोत्साहित सैनिक एक ऐसी भ्रष्ट, कुटिल सरकार के लिए नहीं लड़ते तो मुसीबत आते ही भाग जाती हो। 

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं को न्योता दिया था। इमरान खान ने कहा था कि तालिबान आतंकवादी नहीं बल्कि आम नागरिकों की तरह है। 

अमेरिकी सांसद जी वॉल्ट्ज ने अपनी चिट्ठी में पाक-तालिबान गठजोड़ का जिक्र किया था और पाकिस्तान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की मांग की थी। वॉल्ट्ज ने अगस्त माह में बाइडेन को चिट्ठी लिखकर कहा था कि जब तक पाकिस्तान यह सुनिश्चित नहीं करता कि तालिबान उसकी धरती का इस्तेमाल युद्ध के लिए नहीं करेगा, तब तक अमेरका को उसपर प्रतिबंध लगाने चाहिए। 

खान ने यह भी कहा कि काबुल में पाकिस्तान का दूतावास अभी भी काम कर रहा है और अफगानियों के लिए उनके दरवाजे और सीमा खुली है।

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