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23 जनवरी, 2020|2:17|IST

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हंबनटोटा बंदरगाह पर गोटबाया के चीन से जुड़े बयान को लेकर PM राजपक्षे की सफाई

sri lanka   mahinda rajapaksa  left  and elder brother gotabhaya rajapaksa  right    pti file photo

श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने कहा है कि रणनीतिक महत्व के हंबनटोटा बंदरगाह पर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की टिप्पणी को मीडिया ने संदर्भ से हट कर उद्धृत किया। गौरतलब है कि राष्ट्रपति निर्वाचित होने के शीघ्र बाद गोटबाया राजपक्षे ने कहा था कि हंबनटोटा बंदरगाह 99 साल के पट्टे पर चीन को देना तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के नेतृत्व वाली (पूर्ववर्ती) सरकार की एक गलती थी।

प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने छोटे भाई की टिप्पणी पर स्पष्टीकरण दिया, जब उन्होंने शनिवार (7 दिसंबर) को औपचारिक रूप से घोषणा की कि कोलंबो पोर्ट सिटी श्रीलंका के भूक्षेत्र का हिस्सा है। श्रीलंका के समुद्र तट पर 665 एकड़ भू क्षेत्र में मौजूद इस परियोजना को चीन ने धन प्रदान किया है और एक चीनी कंपनी इसका निर्माण कर रही है।

राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा था, ''इस समझौते पर फिर से बातचीत की जाएगी। निवेश के लिए छोटा सा रिण देना एक अलग चीज है लेकिन रणनीतिक रूप से अहम आर्थिक बंदरगाह देना स्वीकार्य नहीं है। इसे हमें रोकना होगा।" हंबनटोटा बंदरगाह पर गोटबाया की टिप्पणी के जवाब में चीन ने कहा था कि श्रीलंका के साथ सभी परियोजनाओं का विकास अच्छी भावना और मेजबान राष्ट्र के साथ बराबरी के परामर्श के साथ किया गया है। 

प्रधानमंत्री ने चीन की आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी को स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति का मतलब यह नहीं था कि संप्रभुता को लेकर कोई समस्या है। शिन्हुआ ने उनके हवाले से कहा, ''राष्ट्रपति का कहने का मतलब यह था कि पिछली सरकार के उलट हमारी सरकार का यह सिद्धांत है कि संपत्तियों का निजीकरण नहीं किया जाए। यदि श्रीलंका और चीन को समस्याएं हैं तो हम आसानी से चर्चा कर सकते हैं और मित्र के रूप में उनका समाधान कर सकते हैं।"

महिंदा ने 21 नवंबर को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि उनका देश श्रीलंका के विकास में चीन के मजबूत समर्थन को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा, ''हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि श्रीलंका हंबनटोटा बंदरगाह और अन्य विकास परियोजनाओं की खातिर लिए गए रिण को स्पष्ट रूप से चुका देगा। आज हमारी अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है लेकिन जब यह सुदृढ़ होगी तब रिण चुकाने के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि चीन के 'बेल्ट ऐंड रोड इनिश्एिटव' में श्रीलंका की भागीदारी को 'कर्ज के जाल' में फंसने के तौर पर पश्चिमी मीडिया द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि बीआरआई का मुद्दा भारत और चीन के बीच विवाद के लिए जाना जाता है क्योंकि इसका एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है। 

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  • Web Title:Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa remarks on Hambantota Port quoted out of context Says PM Mahinda Rajapaksa