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श्रीलंका चर्च ब्लास्ट: पूरे देश में शाम 6 से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू, सोशल मीडिया को ब्लॉक करने का फैसला

sri lanka imposes temporary social media ban after serial blasts   reuters

श्रीलंका की सरकार ने देश में सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद रात में कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। गिरजाघरों और होटलों को निशाना बनाकर किए गए विस्फोटों में करीब 215 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनसेखरा ने बताया कि तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू को लागू किया गया है। कर्फ्यू अगले नोटिस तक अनिश्चितकाल के लिए लागू रहेगा। वास्तविक घोषणा कहती है कर्फ्यू शाम छह बजे से शुरू होगा और सोमवार सुबह छह बजे तक जारी रहेगा।

ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार करीब पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों - शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। विस्फोट में घायल हुए विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सातवां विस्फोट चिड़ियाघर के सामने स्थित एक होटल में हुआ है, जबकि आठवां धमाका एक आवासीय परिसर में हुआ।

इस बीच, राजधानी में विभिन्न धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति के सचिव उदय आर सेनाविरत्ने की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि सरकार ने गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए सभी सोशल मीडिया मंचों को ब्लॉक करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने विस्फोटों की शुरुआती जांच का विवरण नहीं बताया और कहा कि पुलिस बाद में जानकारी देगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''पुलिस आपको जांच के बाद जानकारी देगी। पुलिस और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि वह अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज करें।"

श्रीलंका: विस्फोट के बाद सेबेस्टियन चर्च का खौफनाक मंजर, दीवारों पर खून के निशान और शवों के टुकड़े

श्रीलंका: 8 बम विस्फोटों में 215 मरे
श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के दिन एक के बाद एक हुए लगातार आठ बम विस्फोटों में कम से कम 215 लोगों की मौत हो गई है और करीब 500 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से अधिकांश विस्फोट राजधानी कोलंबो में हुए हैं। श्रीलंका में गृहयुद्ध के अंत के बाद यह सबसे बड़ा खूनखराबा वाला दिन है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में मृतकों की संख्या बढ़कर 215 हो गई है। इनमें से दो बम विस्फोट अपराह्न में कोलंबो के दो पड़ोसी इलाके में हुए हैं।

बम विस्फोट की शुरुआत कोलंबो स्थित कोच्चिकाडे के सेंट एंथनी चर्च से शुरू हुई, जहां सैकड़ों लोग ईस्टर की प्रार्थना सभा के लिए जमा हुए थे और आधा घंटे के भीतर ही यहां से 30 किलोमीटर दूर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्तियन चर्च में विस्फोट हुआ और फिर कोलंबो से 25० किलोमीटर दूर पूर्व में बट्टिकालोआ में स्थित जियॉन चर्च में विस्फोट हुआ। 

आत्मघाती हमलावरों ने कोलंबो के तीन लक्जरी होटलों में ईस्टर की भीड़ के बीच खुद को उड़ा लिया। ये होटल सिनामन ग्रैंड (श्रीलंका के प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास के पास) शंगरी ला और किंग्सबरी होटल हैं।

मीडिया रपटों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में एक चर्च के अंदर का भयावह नजारा दिखा, जिसकी छत विस्फोट में उड़ गई और फर्श पर छत की टाइल्स, लकड़ी के टुकड़े बिखरे पड़े हैं और सब खून से सना हुआ है। अल जजीरा की एक रपट में कहा गया, “कई लोगों को खून से लथपथ देखा जा सकता है, कुछ लोग उन लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, जो गंभीर रूप से घायल हैं।”

किसी ने भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन एएफपी ने बताया कि श्रीलंका के पुलिस प्रमुख पुजुथ जयसुंदरा ने 10 दिन पहले राष्ट्रव्यापी अलर्ट जारी किया था कि आत्मघाती हमलावरों ने प्रमुख कैथोलिक चचोर्ं को निशाना बनाने की साजिश रची है। अलर्ट में कहा गया था, “एक विदेशी खुफिया एजेंसी ने जानकारी दी है कि एनटीजे (नेशनल तौहीत जमात) आत्मघाती हमलों के जरिए प्रमुख चर्चों के साथ ही कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है।”

आर्थिक सुधार मंत्री हर्षा डी सिल्वा ने कुछ घटनास्थलों का दौरा किया और घटना की भयावहता के बारे में बताया।  समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, मंत्री ने कहा, “भयावह दृश्य। मैंने चारों ओर बिखरे पड़े शरीर के क्षत-विक्षत हिस्सों को देखा। आपातकालीन कर्मचारी पूरे बल के साथ हर जगह हैं। हमने कइयों को अस्पताल पहुंचाया। आशा करता हूं कि कई लोगों की जान बच गई होगी।”

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने स्थानीय न्यूज चैनलों पर प्रसारित एक विशेष संदेश में लोगों से शांति बनाए रखने और विस्फोट की तेजी से जांच के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया। सिरिसेना ने कहा, “मैं इस घटना से स्तब्ध और दुखी हूं। इन जघन्य कृत्यों के पीछे षड्यंत्रों का पता लगाने के लिए इसकी जांच शुरू कर दी गई है। शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।”

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  • Web Title:Sri Lanka Serial Blast curfew with immediate effect Social media Block