काबुल एयरपोर्ट पर हुआ आतंकवादी हमले में 13 अमेरिकी सैनिक सहित 180 से अधिक लोग मारे गए थे। बदला लेने के लिए अमेरिका ने भी ड्रोन से हमला किया, जिसमें 7 बच्चे सहित दस लोग मारे गए थे। इसका खुलासा हाल ही में हुआ है। अमेरिका ने इसके लिए माफी भी मांगी, लेकिन अफगान के लोगों का कहना है कि यह प्रयाप्त नहीं है। 

एमल अहमदी की तीन साल की बेटी मलिका की भी 29 अगस्त को हुए इस अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया है कि परिवार वाशिंगटन से जांच की मांग करता है कि ड्रोन किसने दागा। ड्रोन दागने वाले सैन्य कर्मियों को दंडित किया गया या नहीं।  अहमदी ने कहा, "हमारे लिए सॉरी कहना काफी नहीं है। संयुक्त राज्य अमेरिका को उस व्यक्ति को ढूंढना चाहिए जिसने ऐसा किया।"

अहमदी ने कहा कि परिवार अपने नुकसान के लिए वित्तीय मुआवजे की भी मांग कर रहा है। साथ ही उसके परिवार को किसी तीसरे देश में स्थानांतरित किया जाए।

काबुल में एपी और अन्य समाचार संगठनों ने इस स्ट्राइक के बाद बताया कि जेमेराई अहमदी, जिनके कार को निशाना बनाय, एक अमेरिकी संगठन में लंबे समय से काम कर रहे थे। पेंटागन ने दावा किया था कि उसकी कार में विस्फोटक थे। हालांकि एपी का कहना है कि जब वह कार से अपने घर जा रहे थे तभी मिसाइल टकरा गई। 

इससे पहले शुक्रवार को, यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख यूएस मरीन जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने इस हमले को एक "दुखद गलती" कहा है। अमेरिका ने भी माना कि हमले में निर्दोष नागरिक मारे गए थे, न कि इस्लामिक स्टेट के चरमपंथी। मैकेंजी ने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका पीड़ितों के परिवार को मुआवजा भुगतान करने पर विचार कर रहा है।

इमल अहमदी, जिन्होंने कहा कि उन्होंने अमेरिका में दोस्तों से माफी के बारे में सुना, ने जोर देकर कहा कि यह उनके परिवार के सदस्यों को वापस नहीं लाएगा। 

ज़माराई की कार के जले हुए हिस्से के सामने बैठे अहमदी ने कहा कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका से माफी मांगने के अलावा और अधिक चाहते थे। वह न्याय चाहते थे। इसकी जांच को कि यह स्ट्राइक किसने किया। मैं चाहता हूं कि उसे यूएसए द्वारा दंडित किया जाए। जेमेराई परिवार में अकेले कमाने वाला था। वह अपने तीन भाइयों और उनके बच्चों की देखभाल करता था।

इमल अहमदी ने कहा, "अब मैं अपने पूरे परिवार के लिए जिम्मेदार हूं और मैं बेरोजगार हूं। तालिबान के अधीन स्थिति अच्छी नहीं है।" आपको बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय सहायता समूहों और संयुक्त राष्ट्र ने एक आसन्न मानवीय संकट की चेतावनी दी है जो अधिकांश अफगानों को गरीबी के स्तर से नीचे चला सकता है।

मैकेंजी ने कहा कि एक सफेद टोयोटा कोरोला सेडान पर हमला करने का निर्णय, लगभग आठ घंटे तक ट्रैक करने के बाद लिया गया। इस कार ने अमेरिकी सेना के लिए एक आसन्न खतरा पैदा कर दिया था। उन्होंने कहा कि माना जा रहा है कि कार की डिक्की में विस्फोटक रखे हुए थे। हालांकि, अहमदी को आश्चर्य हुआ कि उनके घर को अमेरिका इस्लामिक स्टेट का ठिकाना कैसे समझ सकता है।