ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ विदेश हथियार भेजो इससे पहले की बहुत देर हो जाए, यूक्रेन के विदेश मंत्री की नाटो से मार्मिक अपील

हथियार भेजो इससे पहले की बहुत देर हो जाए, यूक्रेन के विदेश मंत्री की नाटो से मार्मिक अपील

यूक्रेन ने नाटो देशों से मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और यूक्रेन खंडहर बन जाए, नाटो देशों को उनकी मदद करनी चाहिए। यूक्रेन ने नाटो से हथियार और जेट की मांग की है।

 हथियार भेजो इससे पहले की बहुत देर हो जाए, यूक्रेन के विदेश मंत्री की नाटो से मार्मिक अपील
Atul Guptaलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 08 Apr 2022 01:05 AM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें


यूक्रेन के विदेश मंत्री डिम्यात्रो कुलेबा ने नाटो देशों से तुरंत मदद की अपील करते हुए कहा है कि कीव को तुरंत सैन्य मदद चाहिए। कुलेबा ने कहा इससे पहले बहुत देर हो जाए, आप हमारी तुरंत मदद करें। उन्होंने कहा- मैं हफ्तों की बात नहीं कर रहा, मैं दिनों की बात कर रहा हूं। जितनी देर आप मदद में लगाएंगे उतनी देर में कई यूक्रेनी लोगों, महिलाओं, बच्चों, बूढ़ों  की जान जा चुकी होगी। घर तबाह हो चुके होंगे, गांव के गांव का नामों-निशान मिट चुका होगा।  

उन्होंने कहा कि डोनाबेस को देखकर आपको दूसरे विश्व युद्ध की याद आ जाएगी। हजारों रूसी टैंक, रूसी सेना की गाड़ियां, फाइटर प्लेन, आर्टलेरी और भारी हथियार लगातार उतर रहे हैं।  हमें तुरंत नाटो सेना की मदद चाहिए। रूस के अपने मंसूबे हैं और हमारे अपने...अब जंग के मैदान में ही फैसला होगा।  यूक्रेन नाटो से उनकी सेना के अलावा भारी हथियार के साथ-साथ उनका एयर डिफेंस सिस्टम, हथियारों को लाने और ले जाने वाली गाड़ियां और फाइटर जेट की मांग कर रहा है। 

यूक्रेन की मांग पर नाटो चीफ जेस स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि मीटिंग के बाद संदेश साफ है कि साथी देशों को और मदद के लिए आगे आना होगा। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जिस त्रुस ने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन को भारी सैन्य सामान देने को तैयार है। दूसरी तरफ पश्चिमी देश रूस पर लगातार कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रहे हैं।  इसी कड़ी में गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र आम सभा की आपताकालीन बैठक में रूस को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग संगठन से बाहर कर दिया गया।

इस पूरे मामले में भारत की भूमिका तटस्थ बनी हुई है।  भारत रूस से युद्ध की बजाय बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील कर रहा है लेकिन उसने रूस के साथ व्यापार कम करने की बजाय बढ़ा लिया है क्योंकि रूस भारी डिस्काउंट पर भारत को सामान दे रहा है। 

epaper