DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   विदेश  ›  कोविड-19 के लक्षणों का संभावित क्रम पता लगाने में कामयाब हुए वैज्ञानिक

विदेशकोविड-19 के लक्षणों का संभावित क्रम पता लगाने में कामयाब हुए वैज्ञानिक

एजेंसी,लास एंजिलिसPublished By: Ashutosh Ray
Fri, 14 Aug 2020 03:23 PM
कोविड-19 के लक्षणों का संभावित क्रम पता लगाने में कामयाब हुए वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के पीड़ितों में लक्षण दिखने के संभावित क्रम का पता लगा लिया है। इससे चिकित्सक अन्य रोगों की आशंका को खारिज कर सकेंगे, मरीजों को जल्द उपचार मिल सकेगा तथा वे स्वयं पृथक-वास के बारे में फैसला लेने में भी सक्षम होंगे। फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि कोविड-19 के मरीजों में सबसे पहला संभावित लक्षण है बुखार, उसके बाद खांसी, मांसपेशियों में दर्द, मितली, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हैं।

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया में मेडिसिन एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर पीटर कुन ने समझाया, ''इस क्रम को समझना तब खासतौर पर आवश्यक हो जाता है जब फ्लू जैसे परस्पर रोगों का चक्र चल रहा हो जो कोविड-19 की तरह ही है। कुन के मुताबिक इस नयी जानकारी के बाद अब चिकित्सक यह तय कर सकेंगे कि मरीजों की देखभाल के लिए क्या कदम उठाने की जरूरत है, वे उनकी हालत और खराब होने से बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की पहचान समय रहते होने से अस्पताल में भर्ती होने का वक्त घटेगा क्योंकि अब इस रोग के उपचार के पहले के मुकाबले बेहतर तरीके हैं।

यह शोध विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से 16 से 24 फरवरी के बीच चीन के कोविड-19 के 55,000 से अधिक संक्रमण के मामलों में से लक्षण वाले मामलों की दर के विश्लेषण के आधार पर किया गया। शोधकर्ताओं ने चाइना मेडिकल ट्रीटमेंट एक्सपर्ट ग्रुप की ओर से 11 दिसंबर, 2019 से 29 जनवरी, 2020 के बीच एकत्रित आंकड़ों का भी विश्लेषण किया। 

वैज्ञानिकों ने कोविड-19 और इनफ्लूएंजा के लक्षणों तथा उनके दिखने के क्रम की तुलना करने के लिए उत्तर अमेरिका, यूरोप तथा दक्षिणी गोलार्ध के 2,470 मामलों के फ्लू डेटा का अध्ययन किया। प्रमुख शोधकर्ता जोसफ लार्सन ने कहा, लक्षण नजर आने का क्रम मायने रखता है। हर बीमारी अलग तरीके से आगे बढ़ती है और इसका मतलब है कि चिकित्सक जल्द यह पता लगा सकते हैं कि कोई व्यक्ति कोविड-19 से पीड़ित है या फिर उसे कोई अन्य रोग है। इससे वह उपचार संबंधी बेहतर फैसले ले सकते हैं।

संबंधित खबरें