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सऊदी की राजकुमारी अमेरिका में पहली महिला राजदूत बनीं

सऊदी अरब की राजकुमारी रीमा बिंत बंदार बिन सुल्तान को अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया गया है, इसी के साथ वह पहली महिला राजदूत बनीं हैं। राजकुमार के लिए यह एक बेहत चुनौतीपूर्ण काम होगा। 9/11 आतंकी हमले के बाद से वाशिंगटन और सऊदी अमेरिका के बीच रिश्ते अपने निम्नतर स्तर पर हैं।

राजकुमारी रीमा सऊदी अरब के प्रतिद्वंद्वी देश ईरान अमेरिका के बीच सैन्य टकराव को लेकर बढ़ रही चिंताओं के बीच वाशिंगटन पहुंच रही हैं। उनकी नियुक्ति की घोषणा इस वर्ष फरवरी में की गई थी। रीमा सऊदी अरब की पहली महिला राजदूत बनी हैं। वह सऊदी के पूर्व राजदूत बंदार बिन सुल्तान अल सौद की बेटी हैं। रीमा प्रिंस खालिद बिन सलमान की जगह यह काम संभालेंगी। प्रिंस खालिद, सुल्तान सलमान के बेटे हैं और एक फाइटर पायलट रह चुके हैं।

राजकुमारी के लिए चुनौतियां
सऊदी अरब के दूतावास परिसर के भीतर पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या, यमन में लंबे समय से चल रहे युद्ध व मानवीय संकट और सऊदी महिला कार्यकर्ताओं की नजरबंदी जैसे कई मामले हैं, जिनकी वजह से अमेरिका के साथ सऊदी के संबंध बेहद कमजोर रहे हैं। अब राजकुमारी पर दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की जिम्मेदारी रहेगी।

सऊदी के प्रति दृष्टिकोण अच्छा नहीं
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर फवाज ए गेर्जेस ने बताया कि वाशिंगटन में सऊदी अरब के प्रति राजनीतिक दृष्टिकोण इन दिनों बहुत अच्छा नहीं हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इसका अपवाद है। रीमा को कांग्रेस और विदेश नीति के सदस्यों को सक्रिय रूप से शामिल करना होगा और उन्हें आश्वस्त करना होगा कि सऊदी अरब उनकी चिंताओं को सुनता है। यह इतना आसान नहीं होगा।

रिश्तों में मजबूती लाएंगी
वाशिंगटन में सऊदी दूतावास के प्रवक्ता फहद नाजर ने कहा कि राजकुमारी जानती हैं कि अतीत में द्विपक्षीय संबंध खराब रहे हैं, लेकिन दोनों देशों ने हमेशा की तरह अपने मतभेदों को दूर करने में कामयाबी हासिल की है। वह अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी बढ़ाने के साथ ही भविष्य में इसे और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए वह सब करेंगी, जो वह कर सकती हैं।

कई साल अमेरिका में रहीं
राजकुमारी रीमा के पिता वर्ष 1983 से 2005 तक अमेरिका में सऊदी के राजदूत रहे हैं, जिन्हें राष्ट्रपति जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के साथ उनके करीबी रिश्ते के लिए बंदार बुश के नाम से जाना जाता था। इसलिए रीमा के लिए यह काम कोई अनजाना नहीं है। रीमा कई सालों तक अमेरिका में रह रही हैं। उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से म्यूजियम स्टडीज से स्नातक किया और फिर वह रियाद लौट गईं। वर्ष 2005 में सऊदी लौटने के बाद उन्होंने महिलाओं के लिए जिम और स्पा की सेवाएं शुरू कीं। रीमा ने रियाद में जेहरा ब्रेस्ट कैंसर एसोसिएशन की स्थापना भी की। राजकुमारी रीमा ने राजकुमार फैसल बिन तुर्की बिन नासेर से शादी की थी, लेकिन 2012 में उनका तलाक हो गया। इन दोनों के दो बच्चे हैं जो राजकुमारी के साथ ही रहते हैं।

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  • Web Title:Saudi Arabian princess become first women ambassador in America