सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थक आतंकियों को निशाना बनाया
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग में सऊदी अरब भी शामिल हो गया। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थक लड़ाकों पर हमले किए, जिसमें 20 की मौत और 35 से अधिक घायल हुए। ईरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, लेकिन सभी को नष्ट कर दिया गया।

वॉशिंगटन डीसी/ रियाद/ तेहरान, एजेंसी। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग में मंगलवार देर रात सऊदी अरब भी शामिल हो गया। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थक लड़ाकों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। दावा है कि इन हमलों में 20 की मौत हुई, जबकि 35 से अधिक घायल हैं। वहीं, तेहरान ने पलटवार करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेना के अनुसार, सभी ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को एक्स पर एक बयान में हमलों की जानकारी दी। बयान के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब के सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात इराक में ईरान समर्थक आतंकी समूहों के ठिकानों पर 30 से ज्यादा हवाई हमले किए। सेंटकॉम ने दावा किया कि आतंकी समूहों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कथित रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सऊदी के ऊर्जा ढांचे पर हमले करने का निर्देश दिया था। लेकिन दोनों देशों ने संयुक्त अभियान में किसी नुकसान से पहले ही आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया।
हमले की पुष्टि
सऊदी अरब ने हमले की पुष्टि करते हुए एक बयान में अपनी कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत ‘आत्मरक्षा के अधिकार’ के तहत की गई कार्रवाई करार दिया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी सशस्त्र बलों ने सेंटकॉम के साथ समन्वय करते हुए इराक में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। फरवरी में शुरू हुई जंग के बाद से यह पहला मौका है, जब सऊदी ने अमेरिका के साथ संयुक्त हमला किया है।
ईरान का जवाब
उधर, अमेरिका-सऊदी के हमलों का ईरान ने भी जवाब दिया। सेंटकॉम ने बताया कि आईआरजीसी ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना के कई ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर इन सभी हमलों को रोक लिया गया। वहीं, ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने इराकी सूत्रों के हवाले से अल-अंबर प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन के नष्ट होने की खबर दी। स्थानीय मीडिया ने हदीथा बांध के पास एक अमेरिकी ड्रोन के दुर्घटनाग्रस्त होने की तस्वीरें भी प्रकाशित कीं। आईआरआईबी के अनुसार, सुलेमानियाह में खोर मोर गैस फील्ड पर भी हमला किया गया।


